नई दिल्ली। पद्मविभूषण से सम्मानित साध्वी ऋतंभरा ने वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम को लेकर सोनिया गांधी की ओर से किया गया व्यवहार देश की भावनाओं को आहत करने वाला है। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि इस मामले में उनकी भावना देश के सामने आ चुकी है।
साध्वी ऋतंभरा ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन और अन्य स्थानों पर हुए आंदोलनों को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है, लेकिन देश में अराजकता की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन का उद्देश्य देशहित और सकारात्मक बदलाव होना चाहिए। यदि किसी प्रदर्शन के पीछे देश की एकता और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली सोच हो तो यह चिंता का विषय बन जाता है।
जंतर-मंतर और रांची में हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों की मानसिकता पर भी विचार करने की जरूरत है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के विचारों और उनके आसपास के प्रभावों पर ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि युवाओं के विचारों को प्रभावित करने वाले लोगों और संगठनों को पहचानना जरूरी है। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए, न कि ऐसी गतिविधियों में जिससे समाज में तनाव पैदा हो।
वंदे मातरम को लेकर देश में समय-समय पर राजनीतिक बहस होती रही है। यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में उत्साह और एकता की भावना जगाने का माध्यम बना था। इसी कारण इसके सम्मान और उपयोग को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच अलग-अलग विचार सामने आते रहे हैं।
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि देश के राष्ट्रीय प्रतीकों और भावनाओं से जुड़े विषयों पर सभी को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर राष्ट्र की भावना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और असहमति का स्थान है, लेकिन विरोध का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे देश की सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि देश में शांति और अनुशासन बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन के पीछे की सोच और उद्देश्य को समझना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों को समझें।
साध्वी ऋतंभरा धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कई बार राष्ट्र, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। वंदे मातरम और राष्ट्र से जुड़े मुद्दे अक्सर राजनीतिक बहस का हिस्सा बनते रहे हैं, ऐसे में साध्वी ऋतंभरा की टिप्पणी ने एक बार फिर इस विषय को चर्चा में ला दिया है।
वहीं, विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े मुद्दे आने वाले समय में भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बने रहेंगे।
फिलहाल साध्वी ऋतंभरा के बयान के बाद वंदे मातरम और जंतर-मंतर प्रदर्शनों को लेकर बहस तेज हो गई है। उन्होंने अपने बयान में राष्ट्रहित, युवाओं की सोच और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है।