रतलाम। दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह करीब दो घंटे के अंतराल में हुए दो भीषण सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। दोनों दुर्घटनाओं में कार सवार दो-दो लोगों की जान चली गई। हादसों के बाद एक्सप्रेस-वे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पहला हादसा उस समय हुआ, जब अंबाला से मुंबई जा रही एक कार अनियंत्रित होकर सड़क की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 30 फीट नीचे खाई में जा गिरी। कार में एक परिवार के लोग सवार थे। हादसा इतना जबरदस्त था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कार में सवार लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इस दुर्घटना में परिवार की दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि अन्य सदस्य घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस और अन्य सहायता दल भी घटनास्थल पर पहुंचे।
घायलों को तत्काल जावरा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण कुछ घायलों को आगे के इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
पहले हादसे में कार के रेलिंग तोड़कर नीचे गिरने से एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा रेलिंग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसी टूटे हिस्से के कारण करीब दो घंटे बाद एक और कार उसी स्थान के आसपास हादसे का शिकार हो गई।
दूसरी कार भी एक्सप्रेस-वे से नीचे खाई में जा गिरी। बताया जा रहा है कि पहली दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई रेलिंग की वजह से दूसरी कार को सुरक्षा अवरोध नहीं मिल सका और वाहन सीधे नीचे चला गया।
दूसरे हादसे में गुजरात के दाहोद जिले के दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य यात्री घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दल फिर से मौके पर पहुंचा और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को जावरा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
करीब दो घंटे के भीतर एक ही इलाके में दो बड़े हादसे होने से एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खासकर पहली दुर्घटना के बाद टूटी रेलिंग को तुरंत सुरक्षित नहीं किए जाने की स्थिति ने दूसरी दुर्घटना को और गंभीर बना दिया।
पुलिस अब दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पहली कार किस कारण से अनियंत्रित हुई और दूसरी कार दुर्घटनाग्रस्त होने के समय उसकी गति कितनी थी।
हादसों के समय सड़क और मौसम की स्थिति कैसी थी, इसे भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की तेज गति सामान्य रहती है, ऐसे में छोटी सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
पहले हादसे में अंबाला से मुंबई जा रहे परिवार के लोग सवार थे। यात्रा के दौरान अचानक कार का संतुलन बिगड़ा और वाहन रेलिंग तोड़कर नीचे जा गिरा। हादसे में दो महिलाओं की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
दूसरी दुर्घटना में गुजरात के दाहोद जिले से जुड़े दो लोगों की जान गई। दोनों हादसों के बाद कुल मृतकों की संख्या चार हो गई, जबकि छह लोग घायल बताए गए हैं।
घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य के दौरान पुलिस ने यातायात को नियंत्रित किया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को खाई से निकालने के लिए भी प्रयास किए गए।
पहले हादसे में टूट चुकी रेलिंग के हिस्से को भी बाद में सुरक्षित करने की कार्रवाई की गई, ताकि किसी अन्य वाहन के नीचे गिरने का खतरा न रहे।
पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
घायलों की हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे देश के प्रमुख हाई-स्पीड मार्गों में शामिल है। यहां वाहनों की गति अधिक रहने के कारण सुरक्षा मानकों और सड़क किनारे लगी रेलिंग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
ऐसे में पहली दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त रेलिंग को तुरंत चिन्हित करना और उस हिस्से को सुरक्षित करना जरूरी था। दूसरी दुर्घटना ने इसी संवेदनशीलता को सामने लाया है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर सकती है कि पहली दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए थे या नहीं। यदि टूटी रेलिंग के पास वाहनों को सतर्क करने की व्यवस्था नहीं थी तो यह भी जांच का हिस्सा बन सकता है।
दोनों दुर्घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन और एक्सप्रेस-वे प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी गई है। सड़क सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की समीक्षा किए जाने की संभावना है।
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच में मदद कर सकती है। इससे दोनों वाहनों की गति और दुर्घटना से पहले की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों हादसों के कारणों का पता लगाने के लिए वाहनों की तकनीकी जांच भी कराई जा सकती है।
चार लोगों की मौत और छह लोगों के घायल होने से यह घटना बेहद दर्दनाक बन गई है। खास बात यह रही कि दोनों हादसे एक ही क्षेत्र में करीब दो घंटे के अंतराल में हुए।
पहली दुर्घटना के बाद टूटी रेलिंग दूसरी कार के लिए भी जानलेवा साबित हुई। इसी कारण अब एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटना के बाद त्वरित सुरक्षा उपायों की जरूरत पर भी ध्यान जा रहा है।
फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दोनों दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों और संभावित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।