New Delhi. नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी के राज्य प्रभारियों और सह-प्रभारियों की पहली बैठक की अध्यक्षता की। हाल ही में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद यह पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक मानी जा रही है। इसमें संगठन विस्तार, चुनावी तैयारियों, जनसंपर्क और केंद्रीय संगठन तथा राज्य इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक शुरू होने से पहले नितिन नवीन ने भाजपा मुख्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बैठक में विभिन्न राज्यों के प्रभारी और सह-प्रभारी शामिल हुए। हालिया संगठनात्मक फेरबदल के बाद पार्टी ने कई वरिष्ठ नेताओं को नए राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी है। उत्तर प्रदेश के लिए राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए यहां संगठन मजबूत करने और चुनावी तैयारी को लेकर पार्टी का फोकस बढ़ा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू-कश्मीर का प्रभारी बनाया गया है। सुनील बंसल पश्चिम बंगाल और तेलंगाना की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हाल के फेरबदल में भाजपा ने अनुभवी संगठनात्मक नेताओं को कई राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में तैनात किया है। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन बी.एल. संतोष सहित कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। चर्चा का फोकस राज्य इकाइयों की मौजूदा स्थिति, बूथ स्तर तक संगठन के विस्तार, कार्यकर्ताओं से संवाद, जनसंपर्क अभियान और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर रहा।
भाजपा नेतृत्व आने वाले महीनों में संगठन और सरकार के बीच तालमेल को मजबूत करने पर भी जोर दे रहा है। जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, वहां प्रभारी और सह-प्रभारियों को स्थानीय नेतृत्व के साथ नियमित बैठकें करने और जमीनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हाल के दिनों में अलग-अलग राज्यों में संगठनात्मक बैठकें भी कर रहे हैं। 27 और 28 सितंबर को पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान उन्होंने राज्य के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों से मुलाकात की। वहां भी संगठन को सक्रिय करने और राज्य नेतृत्व के बीच समन्वय बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
उत्तर प्रदेश में भी भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज कर दी हैं। विनोद तावड़े की नियुक्ति के बाद पार्टी संगठन, सरकार और विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों के बीच तालमेल को लेकर लगातार बैठकें कर रही है। राज्य में संगठनात्मक अभियानों और चुनावी तैयारियों को गति देने पर जोर है। राष्ट्रीय स्तर पर नए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नियुक्ति के बाद इस बैठक को आगे की संगठनात्मक रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का फोकस बूथ स्तर तक नेटवर्क मजबूत करने, मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने और चुनाव वाले राज्यों में समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने पर है।
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