नई दिल्ली। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। इस दौरान चंडीगढ़ से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और विकास कार्यों पर चर्चा हुई। दोनों के बीच हुई मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया, लेकिन इसमें चंडीगढ़ के लंबित मामलों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर भी बातचीत हुई।

नई दिल्ली प्रवास के दौरान गुलाब चंद कटारिया उपराष्ट्रपति से मिलने पहुंचे थे। बैठक के दौरान दोनों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में विचार-विमर्श किया। कटारिया ने चंडीगढ़ में चल रहे प्रशासनिक कार्यों और विकास से जुड़े विषयों को भी उपराष्ट्रपति के सामने रखा।

चंडीगढ़ प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार गुलाब चंद कटारिया वर्तमान में पंजाब के राज्यपाल के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इस कारण शहर के प्रशासनिक निर्णयों और विकास से जुड़े प्रमुख मामलों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

मंगलवार को हुई मुलाकात में चंडीगढ़ के उन मुद्दों पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है, जिन पर प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय से काम चल रहा है। इनमें शहर के विकास से जुड़े प्रोजेक्ट, आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से संबंधित मामले शामिल हैं।

हालांकि मुलाकात के दौरान किन-किन लंबित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी पूरी सूची सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में इसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर हुई सौहार्दपूर्ण चर्चा बताया गया है।

चंडीगढ़ में इस समय कई विकास परियोजनाएं अलग-अलग स्तर पर आगे बढ़ रही हैं। प्रशासन शहर में आधारभूत सुविधाओं, सरकारी आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

हाल ही में चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर-25 और सेक्टर-43 में कुल 1,840 सरकारी आवास बनाने की योजना को मंजूरी दी है। इनमें से 1,720 आवास सेक्टर-43 और 120 आवास सेक्टर-25 में प्रस्तावित हैं। यह योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ाने से जुड़ी है।

इसके अलावा शहर की विकास जरूरतों के लिए नगर निगम की ओर से आगामी वित्त वर्ष के लिए लगभग 1,500 करोड़ रुपये के बजट की मांग भी की गई है। मौजूदा वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान में अतिरिक्त राशि की मांग की गई है, जिससे शहर की विभिन्न विकास और संचालन संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सके।

चंडीगढ़ में पर्यावरण और हरित क्षेत्र बढ़ाने से जुड़ी परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और रेलवे स्टेशन के पास पुराने कॉलोनी नंबर-4 क्षेत्र की लगभग 35 एकड़ जमीन को शहरी वन के रूप में विकसित करने की योजना आगे बढ़ रही है। यहां वॉकिंग ट्रेल, पक्षी अवलोकन स्थल और पर्यावरण शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी प्रशासक कटारिया लगातार समीक्षा कर रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सेक्टर-32 में स्वास्थ्य सेवाओं, चल रही विकास परियोजनाओं और आधारभूत ढांचे से संबंधित मामलों की समीक्षा की थी।

ऐसे में उपराष्ट्रपति के साथ हुई बैठक को चंडीगढ़ प्रशासन की मौजूदा विकास प्राथमिकताओं के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि बैठक के बाद किसी नई परियोजना या वित्तीय मंजूरी की घोषणा नहीं की गई है।

कटारिया इससे पहले भी नई दिल्ली में केंद्र सरकार के विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ चंडीगढ़ से जुड़े मामलों पर बैठक करते रहे हैं। जून 2026 में भी उन्होंने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर पंजाब और चंडीगढ़ की विकास पहलों तथा प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की थी। उसी दौरे में उन्होंने खेल, संस्कृति और कानूनी आधारभूत ढांचे से जुड़े विषयों को लेकर अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की थी।

मंगलवार की बैठक इसी क्रम में प्रशासन और केंद्र के बीच संवाद को आगे बढ़ाने वाली मानी जा रही है। केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण चंडीगढ़ की कई प्रमुख परियोजनाओं और प्रशासनिक प्रस्तावों में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों के साथ समन्वय की आवश्यकता होती है।

कटारिया ने मुलाकात के दौरान चंडीगढ़ के प्रशासनिक कामकाज और विकास योजनाओं के बारे में उपराष्ट्रपति को जानकारी दी। दोनों के बीच सार्वजनिक महत्व के विषयों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

चंडीगढ़ शहर में आने वाले समय में सरकारी आवास, शहरी विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़क और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई काम प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन लगातार विभिन्न विभागों के साथ समीक्षा कर रहा है।

कटारिया की दिल्ली यात्रा को इसी प्रशासनिक समन्वय का हिस्सा माना जा रहा है। चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में वह विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं और लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

उपराष्ट्रपति से हुई मुलाकात के दौरान किसी खास परियोजना पर तत्काल निर्णय या निर्देश की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए बैठक को मुख्य रूप से प्रशासनिक प्राथमिकताओं और विकास से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श के रूप में देखा जा रहा है।

गुलाब चंद कटारिया की भूमिका पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक दोनों के रूप में है। इस कारण पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से जुड़े कई प्रशासनिक मुद्दों पर उन्हें केंद्र सरकार और अन्य संवैधानिक पदाधिकारियों से नियमित संवाद करना पड़ता है।

मंगलवार की मुलाकात में भी इसी तरह चंडीगढ़ की आवश्यकताओं और लंबित कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। प्रशासन की कोशिश है कि शहर में चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समय के भीतर आगे बढ़ाया जाए और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर बनाया जाए।

फिलहाल इस बैठक के बाद चंडीगढ़ से जुड़े किसी नए फैसले की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन प्रशासक और उपराष्ट्रपति के बीच हुई चर्चा को लंबित प्रशासनिक तथा विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण संवाद माना जा रहा है।

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