New Delhi : राज्यसभा सांसद और पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि कोई भी ऐसी घटना या बदलाव जिससे टकराव कम हो या खत्म हो, उसका स्वागत है।  बातचीत में श्रृंगला ने कहा कि भारतीयों पर हमला एक दुखद घटना है और यह अच्छी बात है कि भारत ने अमेरिकी अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया।

उन्होंने कहा, "हां, मैं कहूंगा कि यह एक बहुत दुखद घटना है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हमारे तीन नागरिकों की जान चली गई। लेकिन यह टकराव की स्थिति है, इसमें जोखिम शामिल हैं, और मुझे लगता है कि हमने औपचारिक रूप से अमेरिकी अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाकर सही काम किया है।"उन्होंने कहा कि भारत खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले 90 लाख (9 मिलियन) भारतीयों को लेकर भी चिंतित है, जो इस टकराव में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा, "और मुझे लगता है कि कोई भी ऐसी घटना या बदलाव जिससे टकराव कम हो या खत्म हो, खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता खुले, उस इलाके से कच्चे तेल, LNG और LPG ले जाने वाले टैंकर सुरक्षित रूप से गुजर सकें, और व्यापार-वाणिज्य आसान हो, तो वह एक अच्छी बात है।"

उन्होंने आगे कहा, "हम खाड़ी में मौजूद अपने 90 लाख नागरिकों और इस रास्ते (होर्मुज जलडमरूमध्य) का इस्तेमाल करने वाले भारतीय नाविकों को लेकर भी चिंतित हैं, जो बहुत मुश्किल और जोखिम भरे हालात में काम करते हैं। इसलिए हमारे नज़रिए से यह एक अच्छा कदम है। और कोई भी ऐसी चीज़ जिससे हमारे देश में कीमतें कम हों या पश्चिम एशिया के टकराव के कारण महंगाई और सामान की कमी का जोखिम कम हो, वह अच्छी बात है।"

श्रृंगला ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि इस टकराव में भारत का रुख शांति का रहा है।

उन्होंने कहा, "तो मुझे लगता है कि आप जानते हैं कि हमारा रुख हमेशा से यही रहा है कि हम टकराव को कम होते देखना चाहते हैं, हम बातचीत और कूटनीति के ज़रिए शांति चाहते हैं। और प्रधानमंत्री मोदी ने इस टकराव में शामिल कई नेताओं से बात भी की है। उन्होंने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप से कम से कम दो बार बात की है।" विदेश मंत्रालय (MEA) ने ओमान के तट के पास कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों के खिलाफ़ कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया।

यह राजनयिक कदम कल हुई एक और घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें इस इलाके में 20 भारतीय क्रू सदस्यों वाले एक कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ था।

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