RSS कार्यालय पेट्रोल बम हमला मामला: ED ने चार राज्यों में की छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को चार राज्यों में छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई जून में रांची स्थित RSS कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई।
जांच एजेंसी इस मामले में कथित वित्तीय नेटवर्क और धन के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ (SBN) भी जांच एजेंसियों के रडार पर है।
चार राज्यों में हुई कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, ED की टीमों ने गुरुवार को चार राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।
हालांकि, छापेमारी किन-किन स्थानों पर हुई और वहां से क्या बरामद किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी जांच एजेंसी की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।
RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले से जुड़ा मामला
यह मामला जून में रांची स्थित RSS कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले से जुड़ा है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान एजेंसियां हमले में शामिल लोगों, उनके संपर्कों और संभावित वित्तीय सहायता के स्रोतों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं।
SBN नेटवर्क पर जांच एजेंसियों की नजर
अधिकारियों के अनुसार, जांच में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ का नाम सामने आया है।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के बाद ED इस समूह से जुड़े मामलों की जांच करने वाली दूसरी केंद्रीय एजेंसी है।
ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में किसी तरह का वित्तीय नेटवर्क या अवैध धन का इस्तेमाल हुआ था।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच
ED की जांच का मुख्य फोकस आर्थिक लेनदेन और फंडिंग से जुड़े पहलुओं पर है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से जुड़े लोगों को किसी तरह की आर्थिक सहायता मिली थी या नहीं।
मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में ED आमतौर पर संदिग्ध लेनदेन, बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करती है।
NIA भी कर रही है जांच
RSS कार्यालय पर हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी जांच कर रही है। अब ED द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू किए जाने से केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई और तेज हो गई है।
दोनों एजेंसियां अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के तहत मामले की जांच कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां जुटा रहीं जानकारी
अधिकारियों के अनुसार, जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इसमें आरोपितों के संपर्क, संगठनात्मक संबंध और संभावित सहायता नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिबंधित संगठनों पर निगरानी
केंद्रीय जांच एजेंसियां देश विरोधी गतिविधियों और आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई करती रही हैं।
ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां वित्तीय स्रोतों की जांच को भी महत्वपूर्ण मानती हैं, क्योंकि किसी भी नेटवर्क को संचालित करने के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत होती है।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल ED की ओर से की गई छापेमारी के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी आगे भी मामले से जुड़े लोगों और संदिग्ध लेनदेन की जांच कर सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।