नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले SEMICON India 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में दुनिया भर के प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि, उद्योग विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

तीन दिवसीय यह मेगा इवेंट 17 से 19 सितंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस बार कार्यक्रम की थीम ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ रखी गई है। इसका उद्देश्य भारत में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने, डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक की पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

आयोजन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, SEMICON India 2026 में प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन भाषण के साथ ही भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को लेकर सरकार की रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा होगी।

वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के नेता होंगे शामिल

SEMICON India 2026 में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसमें चिप निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग और संबंधित तकनीकों से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।

कार्यक्रम में उद्योग जगत और सरकार के बीच सहयोग बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

सेमीकंडक्टर आज के डिजिटल युग की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, रक्षा उपकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), 5G और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में चिप की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगा बढ़ावा

भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। SEMICON India जैसे आयोजन का उद्देश्य भारत को चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति दिलाना है।

सरकार का लक्ष्य है कि भारत केवल इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा बाजार न रहे, बल्कि चिप डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बने।

विशेषज्ञों के अनुसार, सेमीकंडक्टर उद्योग में निवेश बढ़ने से देश में नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी।

राज्यों की भी रहेगी भागीदारी

SEMICON India 2026 में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। राज्य सरकारें अपने यहां निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक सुविधाओं और सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए उपलब्ध अवसरों को प्रस्तुत करेंगी।

सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा, कुशल श्रम शक्ति और निवेश के अनुकूल माहौल जरूरी होता है। ऐसे में राज्य सरकारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स’ थीम का महत्व

इस साल की थीम ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ भारत के पूरे सेमीकंडक्टर नेटवर्क को विकसित करने के लक्ष्य को दर्शाती है।

सिलिकॉन चिप निर्माण की मूल सामग्री है, जबकि सिस्टम स्तर पर इसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। इस थीम के जरिए चिप निर्माण से लेकर अंतिम उत्पाद तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर डिजाइन, निर्माण, अनुसंधान और विकास, सप्लाई चेन तथा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

निवेश और तकनीकी सहयोग पर रहेगा फोकस

SEMICON India 2026 में विदेशी कंपनियों और भारतीय उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। सरकार का प्रयास है कि वैश्विक कंपनियां भारत में निवेश करें और देश को सेमीकंडक्टर उत्पादन के लिए एक भरोसेमंद केंद्र के रूप में देखें।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर चिप की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत के पास इस क्षेत्र में बड़ा अवसर है। इलेक्ट्रिक वाहन, AI और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के कारण सेमीकंडक्टर की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

भारत की तकनीकी क्षमता को मिलेगा मंच

SEMICON India 2026 भारत की तकनीकी क्षमता और निवेश संभावनाओं को दुनिया के सामने पेश करने का एक बड़ा मंच होगा। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन से इस आयोजन को और महत्व मिलने की उम्मीद है।

आयोजन के दौरान उद्योग जगत, सरकार और विशेषज्ञ मिलकर भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इससे भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है।

 

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