नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात केंद्र सरकार के कई राज्य मंत्रियों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में मंत्रियों के संबंधित मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर मंत्रियों की सक्रियता और प्रदर्शन का भी जायजा लिया गया।
बैठक में शामिल नेताओं के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से उनके विभागों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता तक सरकार के कामों की पहुंच को लेकर जानकारी ली। इसे केंद्र सरकार में राज्य मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
20 से ज्यादा राज्य मंत्रियों ने लिया हिस्सा
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की इस बैठक में 20 से ज्यादा राज्य मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इनमें गठबंधन सहयोगियों के मंत्री भी शामिल थे।
बैठक का उद्देश्य राज्य मंत्रियों के कामकाज को समझना और सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करना बताया जा रहा है।
बैठक में शामिल नेताओं ने इसे ऐसी बैठकों की शुरुआत बताया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में प्रधानमंत्री इस तरह की और बैठकें कर सकते हैं।
शाम 5 बजे से आधी रात तक चली बैठक
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री और राज्य मंत्रियों के बीच यह बैठक काफी लंबी चली। बैठक शाम करीब 5 बजे शुरू हुई और आधी रात तक जारी रही।
बैठक में मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़े मुद्दों और उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने उनसे सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की।
खास बात यह रही कि इस बैठक में कैबिनेट सचिव मौजूद नहीं थे।
सोशल मीडिया पर भी नजर
बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू मंत्रियों की सोशल मीडिया गतिविधियों की समीक्षा भी रहा।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से यह जानने की कोशिश की कि वे अपने मंत्रालयों की उपलब्धियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक किस तरह पहुंचा रहे हैं।
मौजूदा दौर में सोशल मीडिया सरकार और जनता के बीच संवाद का बड़ा माध्यम बन चुका है। ऐसे में मंत्रियों की डिजिटल सक्रियता को भी कामकाज का हिस्सा माना जा रहा है।
जनता तक योजनाओं की पहुंच पर जोर
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचे।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से अपने-अपने क्षेत्रों में योजनाओं की निगरानी करने और जनता से सीधे संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे और प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की परेशानी न हो।
गठबंधन सहयोगियों के मंत्रियों की भागीदारी
इस बैठक में गठबंधन सहयोगियों से जुड़े राज्य मंत्रियों की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रही।
केंद्र में गठबंधन सरकार बनने के बाद सहयोगी दलों के मंत्रियों के साथ समन्वय और बेहतर तालमेल बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक के जरिए प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों को सरकार के व्यापक एजेंडे और कामकाज की दिशा से जोड़ने का प्रयास किया।
मंत्रियों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की संभावना
राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की बैठकें मंत्रियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से समय-समय पर मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की जाती रही है। इस बैठक को भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा
बैठक में मंत्रियों से उनके विभागों की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा की गई। उनसे यह भी पूछा गया कि योजनाओं को लागू करने में किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को अपने विभागों में सक्रिय भूमिका निभाने और जनता के बीच सरकार के कामों को प्रभावी तरीके से पहुंचाने का संदेश दिया।