रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। नूरगंज पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत ओबैदुल्लागंज-सलकनपुर रोड पर दिवटिया गांव के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चार युवकों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने के लिए पुलिस और बचाव दल को कटर की मदद लेनी पड़ी। गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

आधी रात को हुआ भीषण हादसा

जानकारी के अनुसार, हादसा रविवार देर रात करीब आधी रात के समय हुआ। बताया जा रहा है कि कार तेज गति से ओबैदुल्लागंज-सलकनपुर रोड पर जा रही थी। दिवटिया गांव के पास पेट्रोल पंप के नजदीक अचानक कार चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया।

इसके बाद कार सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

कार में फंसे युवकों को कटर से निकाला गया

हादसे के बाद कार में बैठे युवक अंदर ही फंस गए थे। सूचना मिलने पर नूरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया।

पुलिस टीम ने काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इसके लिए कटर का इस्तेमाल किया गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था।

चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।

सभी मृतक दिवटिया गांव के रहने वाले थे

पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले सभी चार युवक दिवटिया गांव के निवासी थे। बताया जा रहा है कि वे ओबैदुल्लागंज से वापस अपने गांव लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर फैल गई। परिवारों को जैसे ही हादसे की खबर मिली, वहां मातम का माहौल बन गया।

मृतकों की हुई पहचान

हादसे में मृत युवकों की पहचान कर ली गई है।

मृतकों में शुभम नागर (24 वर्ष) शामिल हैं, जो मंडीदीप की एक कंपनी में काम करते थे। वहीं गौरव नागर (24 वर्ष) कार चला रहे थे और वह छात्र थे।

इसके अलावा आशीष नागर (22 वर्ष) एक दुकान पर काम करते थे और कृष्ण नागर (20 वर्ष) भी छात्र थे।

चारों युवकों की असमय मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

गांव में पसरा मातम

दिवटिया गांव में हादसे की खबर पहुंचते ही लोगों की भीड़ मृतकों के घरों पर जुटने लगी। जिन युवकों ने अपने भविष्य के सपने देखे थे, उनकी अचानक मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि सभी युवक सामान्य जीवन जी रहे थे और अपने परिवारों की जिम्मेदारियों में सहयोग करते थे।

सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आए दिन सड़क हादसे सामने आते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चलाते समय गति नियंत्रण, यातायात नियमों का पालन और सावधानी बेहद जरूरी है। खासकर रात के समय वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार के कारण वाहन अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय कार की गति कितनी थी और चालक ने नियंत्रण कैसे खोया।

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