नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने ब्रिक्स (BRICS) की अहमियत पर सवाल उठाए थे। त्रिवेदी ने पूछा कि अगर इस समूह का कोई महत्व नहीं होता, तो दुनिया के बड़े देशों के प्रमुख समेत वैश्विक नेता इसे इतनी अहमियत क्यों देते? त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी की तुलना "नाराज फूफा" से की और आरोप लगाया कि वह हमेशा सरकार की पहलों का विरोध करती रहती है।
"वर्ल्ड AI समिट में शर्मनाक हरकत करने के बाद, कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर ब्रिक्स समिट से ठीक पहले बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बयान दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम का यह सवाल कि इस समिट से क्या हासिल होगा, उनकी अपनी मानसिक क्षमता पर ही सवाल खड़े करता है; खासकर तब जब इसमें कई देशों के प्रमुख शामिल हो रहे हैं।" कांग्रेस नेता पर और हमला करते हुए त्रिवेदी ने कहा, "मैं पी. चिदंबरम को याद दिलाना चाहता हूं कि उनकी अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान ही भारत ने 2009 में पहली बार ब्रिक्स समिट में हिस्सा लिया था और 2012 में पहली बार इसकी मेजबानी की थी। चिदंबरम ने ही 2009 में कहा था कि अगर उत्तर भारत न होता, तो दक्षिण और पश्चिम भारत ने कहीं अधिक तरक्की की होती।"
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर अपेक्षित गरिमा को लगातार कम किया है। "पी. चिदंबरम का बयान इसका एक और सबूत है।"
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने बुधवार को हालिया ब्रिक्स समिट से भारत को मिले ठोस फायदों पर सवाल उठाए थे और कहा था कि उन्हें पिछली दो-तीन बैठकों से कोई खास नतीजा देखने को नहीं मिला है।