BRICS पर आदित्य ठाकरे का तंज बोले अपनी तारीफ के ढोल न पीटें
BRICS पर गरमाई सियासत आदित्य ठाकरे ने सरकार पर साधा निशाना
MUMBAI मुंबई। BRICS सम्मेलन को लेकर महाराष्ट्र की सियासत में बयानबाजी शुरू हो गई है। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने सम्मेलन को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि G20 और BRICS जैसे आयोजन अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विभिन्न देशों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलनों को लेकर अपनी तारीफ करने जैसी कोई बात नहीं है।
आदित्य ठाकरे ने कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि चाहे G20 हो या BRICS, ये अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तालमेल के लिए होने वाले सम्मेलन हैं और दुनिया भर में ऐसे सम्मेलन होते रहते हैं। इसमें अपनी तारीफ के ढोल पीटने जैसी कोई बात नहीं है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत में BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सम्मेलन में विभिन्न सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों के शामिल होने की तैयारी है। वैश्विक स्तर पर बदलते राजनीतिक और आर्थिक समीकरणों के बीच इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आदित्य ठाकरे ने अपने बयान के जरिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी को लेकर किए जा रहे प्रचार पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि इस तरह के सम्मेलन वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों में ऐसे आयोजन समय-समय पर होते रहते हैं। BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। इसके माध्यम से सदस्य देश आर्थिक सहयोग, विकास, व्यापार, निवेश और वैश्विक संस्थाओं में सुधार जैसे विषयों पर अपनी बात रखते हैं।
भारत में होने वाले सम्मेलन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। जहां सरकार और सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेता इसे भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं विपक्ष के नेता आयोजन के प्रचार को लेकर सवाल उठा रहे हैं। आदित्य ठाकरे के ताजा बयान ने इसी राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाया है। उन्होंने सम्मेलन के महत्व को नकारने के बजाय इसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वय के लिए होने वाली वैश्विक प्रक्रिया बताते हुए इसकी मेजबानी को लेकर आत्मप्रशंसा से बचने की बात कही है।