Mumbai मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के पास स्थित एक मस्जिदनुमा स्ट्रक्चर को लेकर विवाद बढ़ गया है। मुंबई महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) को पत्र भेजकर नियमों के तहत उचित प्रक्रिया अपनाते हुए संबंधित स्ट्रक्चर पर कार्रवाई करने और इसकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। भाजपा नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने इस निर्माण को अनधिकृत बताते हुए शिकायत की थी। दूसरी ओर यहां नमाज पढ़ने वाले लोगों ने अवैध निर्माण के आरोपों को खारिज किया है। मामला एयरपोर्ट टर्मिनल-2 के VIP अराइवल और टैक्सी स्टैंड क्षेत्र के पास स्थित स्ट्रक्चर से जुड़ा है। किरीट सोमैया का आरोप है कि अत्यंत संवेदनशील एयरपोर्ट क्षेत्र के पास बिना वैध अनुमति के इसका निर्माण किया गया। उन्होंने MMRDA और एयरपोर्ट से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।
MMRDA ने कहा अनुमति नहीं दी
सामने आई जानकारी के मुताबिक MMRDA ने 8 सितंबर को MIAL को भेजे पत्र में कहा है कि संबंधित स्ट्रक्चर के लिए प्राधिकरण की ओर से कोई अनुमति जारी नहीं की गई। प्राधिकरण के अनुसार अधिसूचित क्षेत्र की स्वीकृत इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान (IDP) में सार्वजनिक प्रार्थना स्थल के लिए जमीन या प्लॉट के आरक्षण अथवा आवंटन का प्रावधान नहीं है। इसके बाद MMRDA ने MIAL से नियमानुसार उचित प्रक्रिया अपनाते हुए संबंधित स्ट्रक्चर को हटाने की कार्रवाई करने और कार्रवाई की रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपने के लिए कहा है।
नमाजियों ने आरोपों को किया खारिज
विवाद के बीच मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले लोगों ने स्ट्रक्चर को अवैध बताए जाने के आरोपों को गलत बताया है। उनका दावा है कि पहले मौजूद मस्जिद को हटाए जाने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से यह स्थान उपलब्ध कराया गया था, ताकि एयरपोर्ट के यात्री, टैक्सी और कैब चालक नमाज पढ़ सकें। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्राधिकरणों से होना बाकी है।
किरीट सोमैया ने उठाया था मुद्दा
किरीट सोमैया ने इससे पहले एयरपोर्ट के पास कथित अनधिकृत निर्माण का मुद्दा उठाया था। उन्होंने 3 सितंबर को मौके का दौरा करने का भी दावा किया। सोमैया ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए और निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सोमैया ने संबंधित ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है। हालांकि किसी व्यक्ति या संस्था की कानूनी जिम्मेदारी जांच और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मामला
एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्र के आसपास किसी भी कथित अनधिकृत निर्माण का मामला सुरक्षा और नियामकीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। MMRDA के मुताबिक ऑपरेशन मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट एग्रीमेंट (OMDA) के तहत अधिसूचित क्षेत्र में प्लानिंग, डेवलपमेंट, निर्माण और बुनियादी ढांचे के रखरखाव की जिम्मेदारी MIAL की है। इसी आधार पर MIAL को नियमानुसार कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने इस विवाद को धार्मिक भावनाएं भड़काने से जुड़ा मामला बताया है।
अब नजर इस बात पर है कि MIAL आगे क्या कार्रवाई करता है। संबंधित स्ट्रक्चर को हटाने की प्रक्रिया कब शुरू होगी या उससे जुड़ा पक्ष कानूनी विकल्प अपनाएगा, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। सामने आया प्रमुख आधिकारिक पक्ष यह है कि MMRDA ने संबंधित निर्माण के लिए अपनी अनुमति दिए जाने से इनकार किया है और MIAL को नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है।
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