Delhi दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को हुई अपनी बैठक में आठ न्यायिक अधिकारियों को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब नियुक्ति से संबंधित आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।



 



सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा जिन आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों को मंजूरी दी गई है, उनमें गुरविंदर पाल सिंह, निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा-I, भारत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल हैं।
कॉलेजियम की मंजूरी न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। अब इन नामों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। आवश्यक संवैधानिक और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने तथा केंद्र सरकार की प्रक्रिया के बाद नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की जा सकती है।
दिल्ली हाईकोर्ट देश के प्रमुख उच्च न्यायालयों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण संवैधानिक, आपराधिक, दीवानी, वाणिज्यिक तथा केंद्र सरकार से जुड़े मामलों की सुनवाई होती है। ऐसे में आठ नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से अदालत की न्यायिक क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाने और अलग-अलग पीठों के गठन में भी सहायता मिल सकती है। न्यायपालिका में रिक्त पदों को भरने के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम समय-समय पर हाईकोर्ट से प्राप्त प्रस्तावों और संबंधित अधिकारियों के नामों पर विचार करता है।
10 सितंबर को हुई बैठक में कॉलेजियम ने आठ न्यायिक अधिकारियों के नाम पर अपनी सहमति जताई। सभी चयनित नाम न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारियों के हैं। नियुक्ति की अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाल सकेंगे। कॉलेजियम के इस फैसले के बाद अब केंद्र स्तर पर होने वाली अगली प्रक्रिया पर नजर रहेगी। औपचारिक नियुक्ति और शपथ ग्रहण के बाद दिल्ली हाईकोर्ट को आठ नए न्यायाधीश मिल जाएंगे।
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