छत्तीसगढ़

पटवारी से मारपीट करने वाला भाजपा नेता जिलाबदर

Shantanu Roy
10 Sept 2026 6:33 PM IST
पटवारी से मारपीट करने वाला भाजपा नेता जिलाबदर
x
छह जिलों में एंट्री पर रोक
Surguja. सरगुजा। पटवारी कार्यालय में घुसकर पटवारी और कंप्यूटर ऑपरेटर से मारपीट करने के मामले में आरोपी भाजपा नेता जितेंद्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अजीत वसंत ने उसे एक वर्ष के लिए जिलाबदर करने का आदेश जारी किया है। आदेश के तहत जितेंद्र कुजूर को सरगुजा सहित छह जिलों की सीमा से निष्कासित किया गया है। जिला दंडाधिकारी के आदेश में उसे आदतन बदमाश बताया गया है। जितेंद्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर ग्राम सोहगा, दरिमा का निवासी है। वह फिटनेस ट्रेनर होने के साथ दरिमा मंडल में भाजपा के सक्रिय नेता के रूप में भी बताया गया है। वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहता है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर सांसद चिंतामणि महाराज, मंत्री राजेश अग्रवाल, भाजपा विधायक प्रबोध मिंज और महापौर मंजूषा भगत सहित कई नेताओं के साथ तस्वीरें साझा की गई हैं।

SSP ने भेजा था जिलाबदर का प्रतिवेदन
जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने जितेंद्र कुजूर के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अजीत वसंत के न्यायालय में प्रस्तुत किया था। प्रतिवेदन मिलने के बाद जिला दंडाधिकारी की ओर से जितेंद्र कुजूर को नोटिस जारी किया गया और उसे अपना पक्ष रखने के लिए सुनवाई का अवसर दिया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला दंडाधिकारी ने एक वर्ष के लिए जिलाबदर करने का आदेश जारी किया। आदेश के तहत उसे सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर और सूरजपुर जिले की सीमा से निष्कासित किया गया है। निर्धारित अवधि के दौरान इन छह जिलों की सीमा में उसके रहने पर प्रतिबंध रहेगा।

22 अप्रैल को पटवारी कार्यालय में हुआ था विवाद
जितेंद्र कुजूर के खिलाफ 22 अप्रैल 2026 को कंठी पटवारी कार्यालय में मारपीट का मामला सामने आया था। आरोप है कि वह राजस्व निरीक्षक के संबंध में जानकारी लेने कार्यालय पहुंचा था। बताया गया कि उसने पटवारी प्रकाश मंडल से राजस्व निरीक्षक के बारे में पूछा। पटवारी ने बताया कि राजस्व निरीक्षक लंच के लिए गई हैं। इसके बाद आरोपी ने पटवारी से उन्हें फोन लगाने के लिए कहा। पटवारी ने कथित तौर पर जवाब दिया कि मोबाइल नंबर दीवार पर लिखा हुआ है और वह स्वयं कॉल कर सकते हैं। फोन नहीं उठने की स्थिति में बात कराने की बात भी कही गई थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर जितेंद्र कुजूर नाराज हो गया और उसने पटवारी प्रकाश मंडल के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ भी मारपीट की गई।

बाहर निकलने पर भी मारपीट का आरोप
घटना के दौरान पटवारी खुद को बचाने के लिए कार्यालय से बाहर निकले तो आरोपी पर बाहर भी उनका पीछा कर लात और डंडे से मारपीट करने का आरोप लगा था। पटवारी किसी तरह वापस कमरे में पहुंचे और दरवाजा बंद कर खुद को बचाया था। घटना के बाद मामले की शिकायत दरिमा थाने में की गई थी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों और गतिविधियों के आधार पर पुलिस की ओर से जिलाबदर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजा गया। अब जिला दंडाधिकारी ने उपलब्ध रिकॉर्ड और सुनवाई की प्रक्रिया के बाद जितेंद्र कुजूर को एक वर्ष के लिए छह जिलों की सीमा से बाहर रखने का आदेश दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
Next Story