नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है। पीएम मोदी ने सचिवों के साथ बैठक में परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी, गुणवत्ता जांच और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या सार्वजनिक परियोजनाओं की निगरानी के लिए चौथी पार्टी (4th party) ऑडिट की जरूरत पड़ रही है? उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
परियोजनाओं की गुणवत्ता पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी परियोजनाएं सीधे आम लोगों से जुड़ी होती हैं। ऐसे में इनमें किसी भी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं की योजना बनाने से लेकर उनके पूरा होने तक हर स्तर पर बेहतर निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए।
जवाबदेही तय करने की जरूरत
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी कामों में जवाबदेही तय होना जरूरी है। अगर किसी परियोजना में देरी होती है या गुणवत्ता को लेकर शिकायत आती है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल रिपोर्ट तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीन पर काम की वास्तविक स्थिति की भी जांच होनी चाहिए।
4th पार्टी ऑडिट पर उठाया सवाल
बैठक में पीएम मोदी का सवाल सरकारी परियोजनाओं की निगरानी प्रणाली को लेकर था। उन्होंने पूछा कि जब पहले से कई स्तरों पर जांच और समीक्षा की व्यवस्था मौजूद है, तो फिर अतिरिक्त ऑडिट की जरूरत क्यों महसूस हो रही है। प्रधानमंत्री का यह बयान प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सचिवों को दिए निर्देश
पीएम मोदी ने सचिवों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों में नवाचार, तकनीक के इस्तेमाल और प्रभावी निगरानी को बढ़ावा दें। उन्होंने अधिकारियों से जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम करने की अपील की। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे और सार्वजनिक धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो।
प्रशासनिक सुधार पर फोकस
प्रधानमंत्री लगातार सरकारी परियोजनाओं में देरी और लागत बढ़ने जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से जवाबदेही की बात करते रहे हैं। इस बैठक में भी उन्होंने बेहतर कार्य संस्कृति और परिणाम आधारित प्रशासन पर जोर दिया।
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