PM Modi ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सेना की बहादुरी को किया याद
Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सेना की बहादुरी और साहस को याद किया। इस मौके पर उन्होंने सेना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय जवानों ने असाधारण साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना ने उन लोगों को करारा जवाब दिया था, जिन्होंने पहलगाम में भारतीय नागरिकों पर हमला करने की हिम्मत की थी। उन्होंने इस ऑपरेशन को देश की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए संदेश में प्रधानमंत्री ने लिखा कि एक वर्ष पहले भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय साहस और सटीकता के साथ कार्य किया था। उन्होंने कहा कि सेना ने न केवल जवाबी कार्रवाई की, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को भी स्पष्ट रूप से दुनिया के सामने रखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारत आतंकवाद को खत्म करने और उसके पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के अपने संकल्प पर पहले की तरह ही अडिग है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
उन्होंने सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय जवानों ने हमेशा देश के सम्मान और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटे हैं। ऑपरेशन सिंदूर इसका एक उदाहरण है, जहां सेना ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी बेहतरीन रणनीति और साहस का प्रदर्शन किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि पूरे देश को अपनी सेना पर गर्व है। उन्होंने कहा कि हर भारतीय नागरिक सेना की बहादुरी और समर्पण को सलाम करता है और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों को लेकर चर्चा जारी है। इस ऑपरेशन को सेना के सफल अभियानों में से एक माना जाता है, जिसमें आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की गई थी।
सरकारी और सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस तरह के ऑपरेशन देश की सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और आगे भी इस तरह की कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
प्रधानमंत्री के इस संदेश के बाद राजनीतिक और सैन्य हलकों में भी इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। इसे भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति और सेना के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री का यह संदेश भारतीय सेना के प्रति सम्मान और देश की सुरक्षा नीति की दृढ़ता को दोहराता है।