MOON: आसमान में दिखा अद्भुत नजारा, चांद के करीब चमका शुक्र
आसमान में चांद और शुक्र की खूबसूरत जुगलबंदी
Kanpur. कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में सोमवार शाम आसमान में खूबसूरत खगोलीय नजारा देखने को मिला। सूर्यास्त के ठीक बाद पश्चिमी आसमान में पतला अर्धचंद्राकार चांद और चमकीला शुक्र ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई दिए। साफ आसमान के बीच दोनों चमकीले खगोलीय पिंडों की नजदीकी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। शाम ढलने के साथ जैसे-जैसे सूर्य की रोशनी कम हुई, पतला चांद आसमान में स्पष्ट दिखाई देने लगा। उसके पास एक बेहद चमकीला बिंदु भी नजर आया, जो शुक्र ग्रह था। पहली नजर में कई लोगों के लिए यह चमकीला बिंदु किसी चमकते तारे जैसा दिखाई दे सकता है, लेकिन शुक्र सूर्य और चंद्रमा के बाद पृथ्वी से दिखाई देने वाले सबसे चमकीले प्राकृतिक खगोलीय पिंडों में शामिल है।
चांद और शुक्र का एक-दूसरे के करीब दिखाई देना खगोल विज्ञान में संयोजन या निकट दृश्य स्थिति के रूप में जाना जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि दोनों वास्तव में अंतरिक्ष में एक-दूसरे के पास पहुंच गए हैं। पृथ्वी से देखने पर उनकी दिशा ऐसी दिखाई देती है कि दोनों आसमान में एक-दूसरे के करीब नजर आते हैं। वास्तव में चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है, जबकि शुक्र सूर्य की परिक्रमा करने वाला ग्रह है और दोनों के बीच विशाल दूरी होती है।
सूर्यास्त के बाद शुक्र अक्सर पश्चिमी आकाश में बहुत चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण इसे आम बोलचाल में 'सांझ का तारा' भी कहा जाता है, हालांकि वैज्ञानिक रूप से शुक्र कोई तारा नहीं बल्कि ग्रह है। जब पतला चंद्रमा इसके आसपास दिखाई देता है तो यह दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है। कानपुर में शाम के समय दिखाई दिए इस नजारे ने खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के साथ आम नागरिकों को भी आकर्षित किया। खुले स्थानों और छतों से आसमान देखने वाले लोगों के लिए यह खास मौका रहा। मोबाइल कैमरों के जरिए भी इस खूबसूरत दृश्य को कैद किया गया।
ऐसे खगोलीय नजारे पूरी तरह प्राकृतिक होते हैं। चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए प्रत्येक दिन आसमान में अपनी स्थिति बदलता दिखाई देता है। इसी क्रम में समय-समय पर वह शुक्र, बृहस्पति, मंगल और अन्य चमकीले ग्रहों के पास दिखाई देता है। विशेष रूप से पतले चांद के साथ शुक्र की चमक शाम के आसमान को आकर्षक बना देती है। सूर्यास्त के तुरंत बाद आकाश में हल्की रोशनी रहने के कारण चंद्रमा और शुक्र का दृश्य क्षितिज के ऊपर बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।
खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए ऐसे अवसर बिना किसी विशेष उपकरण के आकाश को समझने का अच्छा मौका होते हैं। चांद और शुक्र जैसे चमकीले खगोलीय पिंडों को सामान्य परिस्थितियों में नग्न आंखों से भी देखा जा सकता है। कानपुर में सूर्यास्त के बाद नजर आए चांद और शुक्र की इस खूबसूरत जुगलबंदी ने शाम को खास बना दिया। कुछ समय तक दोनों एक-दूसरे के करीब दिखाई दिए और फिर पृथ्वी के घूर्णन के कारण धीरे-धीरे क्षितिज की ओर जाते नजर आए।