Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार में अपने 12 साल पूरे होने के मौके पर सोमवार को अपनी सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं और जनकल्याणकारी पहलों को रेखांकित किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को मिले लाभों का उल्लेख किया और सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा।
इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी एक ऐतिहासिक राजनीतिक उपलब्धि की ओर बढ़ रहे हैं। वे इस सप्ताह भारत के सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं। 10 जून 2026 को वे लगातार 4,399 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ देंगे।
यह उपलब्धि उनके तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने और 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के 12 साल पूरे होने के ठीक एक दिन बाद आएगी। इस तरह यह समय भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल केवल प्रधानमंत्री पद तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इससे पहले उन्होंने लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है। अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक लगभग 13 वर्षों के अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को जोड़कर, उन्होंने एक निर्वाचित सरकार का नेतृत्व करते हुए 8,900 से अधिक दिन पूरे किए हैं।
इस आंकड़े के साथ वे भारत के इतिहास में लोकतांत्रिक रूप से सबसे लंबे समय तक सरकार का नेतृत्व करने वाले प्रमुख बन गए हैं। उनके समर्थक इसे स्थिर नेतृत्व और निरंतर प्रशासनिक अनुभव का परिणाम मानते हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे भारतीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड के रूप में देख रहे हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में गरीबों, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, आवास और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कई योजनाओं को प्राथमिकता दी है। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाना बताया गया है।
आने वाले दिनों में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लेकर राजनीतिक हलचल और चर्चा और तेज होने की संभावना है, क्योंकि यह भारतीय राजनीति के सबसे लंबे और स्थिर नेतृत्व के रिकॉर्ड में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है।