बिश्केक पहुंचे PM मोदी, SCO शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के नेता क्षेत्रीय सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे
बिश्केक पहुंचे PM मोदी, SCO शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
बिश्केक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं। पीएम मोदी यहां 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के नेता क्षेत्रीय सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को भारत और मध्य एशियाई देशों के संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। करीब 50 मिनट के लिए निर्धारित इस बैठक में भारत-रूस के रणनीतिक संबंधों के साथ ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय होने जा रही है जब बदलते वैश्विक हालात के बीच भारत और रूस के आर्थिक तथा रणनीतिक संबंध लगातार महत्वपूर्ण बने हुए हैं। बैठक में द्विपक्षीय सहयोग की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के साथ भविष्य की साझेदारी पर भी बातचीत हो सकती है।
ऊर्जा सहयोग रहेगा अहम मुद्दा
मोदी-पुतिन बैठक में ऊर्जा सहयोग प्रमुख विषयों में शामिल हो सकता है। रूस भारत के लिए कच्चे तेल और उर्वरकों का महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। ऐसे में दोनों नेता तेल और गैस की आपूर्ति तथा उर्वरकों की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों की समीक्षा कर सकते हैं। इसके अलावा परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच जारी सहयोग पर भी बातचीत होने की संभावना है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत के लिए स्थिर और किफायती ऊर्जा आपूर्ति महत्वपूर्ण बनी हुई है।
रक्षा साझेदारी पर भी हो सकती है चर्चा
भारत और रूस के बीच दशकों पुरानी रक्षा साझेदारी भी बैठक के एजेंडे में रह सकती है। दोनों नेता सैन्य उपकरणों की आपूर्ति, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा कर सकते हैं। भारत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा है। ऐसे में रूस के साथ संयुक्त उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण से जुड़े संभावित सहयोग पर भी बातचीत हो सकती है।
बढ़ते कारोबार के बीच व्यापार असंतुलन पर नजर
भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से वृद्धि हुई है। हालांकि व्यापार असंतुलन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। बैठक में भारतीय वस्तुओं का रूस में निर्यात बढ़ाने, निवेश के नए अवसर तलाशने और भुगतान व्यवस्था को सुगम बनाने जैसे विषय उठ सकते हैं। दोनों पक्ष व्यापार को अधिक संतुलित बनाने के उपायों पर भी विचार कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी होगी बातचीत
मोदी और पुतिन के बीच क्षेत्रीय तथा वैश्विक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान होने की भी संभावना है। दोनों नेताओं की मुलाकात भारत-रूस संबंधों की आगे की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।