नई दिल्ली : देशभर में प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार की ओर से बफर स्टॉक से प्याज जारी करने और सस्ती दरों पर बिक्री जैसे कदम उठाए जाने के बावजूद कई बाजारों में प्याज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। कुछ जगहों पर खुदरा भाव 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। प्याज की कीमतों में तेजी का असर रसोई के बजट पर साफ दिखाई देने लगा है। आम उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से महंगी सब्जियों के बीच अब प्याज ने भी खर्च बढ़ा दिया है। बाजारों में अच्छी क्वालिटी के प्याज के लिए ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।

सरकार ने उठाए कई कदम
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारना शुरू किया है। दिल्ली-एनसीआर में एनसीसीएफ, नेफेड और केंद्रीय भंडार के जरिए 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए प्याज को उत्पादक राज्यों से बड़े उपभोग केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है और उत्पादन में भी बड़ी कमी नहीं है। वर्ष 2025-26 में प्याज उत्पादन 307 लाख मीट्रिक टन से अधिक रहने का अनुमान जताया गया है।
बफर स्टॉक के बावजूद क्यों बढ़ रहे दाम
विशेषज्ञों के अनुसार प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं। बारिश से कुछ इलाकों में फसल प्रभावित होना, मंडियों में आवक कम होना, भंडारण की समस्या और त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग कीमतों पर दबाव बना रही है। महाराष्ट्र जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों से सप्लाई प्रभावित होने का असर देश के कई शहरों में देखने को मिल रहा है। किसानों और व्यापारियों का कहना है कि बाजार में आवक सामान्य होने तक कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
आम आदमी की बढ़ी परेशानी
प्याज भारतीय रसोई की सबसे जरूरी सब्जियों में शामिल है। इसकी कीमत बढ़ने से होटल, ढाबे और छोटे भोजनालयों पर भी असर पड़ रहा है। गृहिणियों का कहना है कि रोजमर्रा के खाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों के महंगे होने से महीने का बजट बिगड़ रहा है। सरकार लगातार कीमतों की निगरानी करने की बात कह रही है, लेकिन फिलहाल बाजार में बढ़ते भावों से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। आने वाले दिनों में प्याज की आवक और सप्लाई व्यवस्था तय करेगी कि कीमतें नीचे आती हैं या महंगाई का यह दबाव और बढ़ता है।

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