Kolkata. कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच निर्वाचन आयोग (ECI) ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। आयोग के फैसले के अनुसार, ममता बनर्जी गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया है। वहीं, बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। आयोग ने यह व्यवस्था आगामी चुनाव प्रक्रिया को देखते हुए लागू की है।
ममता गुट को मिला नया नाम और सिंबल
निर्वाचन आयोग के आदेश के मुताबिक, ममता बनर्जी द्वारा अधिकृत फॉर्म-बी के तहत दाखिल किए गए नामांकन पत्रों को अब ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के उम्मीदवारों के रूप में मान्यता दी जाएगी। इन उम्मीदवारों में रबीउल आलम चौधरी, नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से संचिता प्रधान (डे) और असम की नगांव संसदीय सीट से अब्दुल सलाम शामिल हैं। आयोग ने इन उम्मीदवारों को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया है। यह आवंटन लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 36 के तहत निर्धारित वैधानिक नियमों के अधीन रहेगा।
बागी गुट को मिला ‘डेमोक्रेटिक TMC’ नाम
दूसरी ओर अरूप रॉय द्वारा अधिकृत फॉर्म-बी के आधार पर दाखिल नामांकन पत्रों को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ के उम्मीदवारों के रूप में मान्यता दी जाएगी। इस गुट के उम्मीदवारों में सफिउज्जमान शेख और नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से एहतेशमुल हक शामिल हैं। इन्हें चुनाव आयोग की ओर से ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था सभी जरूरी वैधानिक प्रक्रियाओं और नियमों की पूर्ति के बाद ही प्रभावी होगी।
तीन सीटों के अधिकारियों को निर्देश
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की 70-रेजीनगर विधानसभा सीट, 210-नंदीग्राम विधानसभा सीट और असम की 9-नगांव लोकसभा सीट के रिटर्निंग अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान दोनों गुटों से जुड़े नामांकन पत्रों और चुनाव चिह्न संबंधी सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएंगी।
स्क्रूटनी में नियमों के आधार पर होगी जांच
चुनाव आयोग के सचिव अश्वनी कुमार मोहाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 36 के तहत की जाएगी। इस दौरान उम्मीदवारों की पात्रता, दस्तावेजों और अन्य कानूनी आवश्यकताओं की जांच की जाएगी। आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
TMC विवाद में आया नया मोड़
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों ने खुद को असली तृणमूल कांग्रेस होने का दावा करते हुए चुनाव आयोग के सामने अपनी दलीलें रखी थीं। आयोग ने अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों पक्षों को पुराने नाम और सिंबल के इस्तेमाल से रोकते हुए नए नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प देने को कहा था। अब आयोग के नए आदेश के बाद दोनों गुट अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। हालांकि, आगे की राजनीतिक और कानूनी स्थिति आयोग के भविष्य के फैसलों और चुनावी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।