दिल्ली : हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद अब स्टूडेंट प्रोटेस्टर निशु आजाद और उनके पिता संजय आजाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। एक सुप्रीम कोर्ट की वकील ने साइबर थाने में शिकायत देकर दोनों पर सोशल मीडिया के जरिए हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निशु आजाद और संजय आजाद ने अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसी सामग्री साझा की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि सोशल मीडिया पर की गई कुछ पोस्ट और टिप्पणियां हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अपमानजनक थीं।

साइबर थाने में दी गई शिकायत में संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की जांच कर दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की अपील की है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। अब निशु आजाद और उनके पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज होने से विवाद और बढ़ गया है।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बढ़ा विवाद

आज के समय में सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट और टिप्पणियां कई बार विवाद का कारण बन जाती हैं। धार्मिक विषयों से जुड़े मामलों में पुलिस और प्रशासन शिकायत मिलने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू करते हैं। इस मामले में भी शिकायत के आधार पर पुलिस तथ्यों की जांच कर सकती है।

शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता, संदर्भ और कानूनी पहलुओं की जांच करेगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

एफआईआर दर्ज करने की मांग

सुप्रीम कोर्ट की वकील ने अपनी शिकायत में मांग की है कि निशु आजाद और संजय आजाद के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। शिकायत में सोशल मीडिया गतिविधियों को आधार बनाया गया है।

हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस शिकायत की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया पर नजर

मामले में अब तक निशु आजाद और संजय आजाद की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया पर किसी भी धार्मिक या संवेदनशील विषय से जुड़ी सामग्री साझा करने के मामले में जांच के दौरान यह देखा जाता है कि पोस्ट का उद्देश्य क्या था, उसकी सामग्री किस संदर्भ में थी और उससे किसी समुदाय की भावनाओं पर क्या प्रभाव पड़ा।

पुलिस जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है। साइबर पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। सोशल मीडिया पोस्ट, उनके स्रोत और अन्य संबंधित जानकारी जुटाने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में पुलिस आमतौर पर सावधानीपूर्वक जांच करती है, क्योंकि ऐसे मामलों में कानून व्यवस्था से जुड़े पहलू भी जुड़े होते हैं। इस मामले में भी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ विवाद अब निशु आजाद और उनके पिता के खिलाफ शिकायत तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद मामले की दिशा साफ हो सकेगी

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