122 साल पुराने कयानी कैफे पर FDA की बड़ी कार्रवाई, फूड लाइसेंस निलंबित
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Mumbai. मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने त्योहारी सीजन के दौरान चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान में मुंबई के प्रतिष्ठित और 122 साल पुराने ईरानी कैफे कयानी एंड कंपनी का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है। निरीक्षण के दौरान कैफे में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन पाए गए। अधिकारियों के मुताबिक भोजन तैयार करने और भंडारण वाले क्षेत्रों में बिल्लियां, चूहों की गंदगी, जीवित मक्खियां और मृत तिलचट्टे मिले। कमिश्नर तुकाराम मुंधे की अध्यक्षता में महाराष्ट्र FDA ने 23 से 27 सितंबर तक पूरे राज्य में त्योहारी सीजन को देखते हुए विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया।
इसी अभियान के तहत मुंबई के कालबादेवी इलाके में स्थित कयानी एंड कंपनी का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने परिसर की साफ-सफाई, खाद्य भंडारण और प्रसंस्करण व्यवस्था में कई खामियां दर्ज कीं। FDA अधिकारियों के अनुसार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रखे एक रेफ्रिजरेटर के अंदर जमा हुआ खून भी मिला। इसके अलावा परिसर में खुला सीवेज मैनहोल पाया गया। अधिकारियों ने इन परिस्थितियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत माना और प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की।
राज्यव्यापी अभियान में कुल 30 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाण पत्र निलंबित किए गए। इनमें मुंबई के 13, कोंकण डिवीजन के 6, पुणे डिवीजन के 8 और छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन के 3 प्रतिष्ठान शामिल हैं। मुंबई में अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई। कोलाबा स्वीट मार्ट के निरीक्षण में जीवित तिलचट्टे, छिपकलियां, मक्खियां और लार्वा पाए गए। अधिकारियों के अनुसार प्रतिष्ठान में आवश्यक कीट नियंत्रण व्यवस्था, कर्मचारियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं थे।
धारावी स्थित अरुण विलास फरसान और परेल के रुचि वेज रेस्टोरेंट के लाइसेंस भी स्वच्छता और सफाई के नियमों के उल्लंघन के कारण निलंबित किए गए। विले पार्ले स्थित डैफोडिल्स फास्ट फूड इन के निरीक्षण में रेफ्रिजरेटर और अन्य उपकरण गंदे पाए गए। तापमान दिखाने वाले उपकरण काम नहीं कर रहे थे और खाद्य सामग्री कर्मचारियों के निजी सामान के साथ रखी गई थी। लोअर परेल में सबवे आउटलेट संचालित करने वाली एवरसब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस भी निलंबित किया गया। निरीक्षण के दौरान खराब रेफ्रिजरेटर, फफूंदी जैसी परत, दुर्गंध और जीवित तिलचट्टे मिलने की बात सामने आई। इसके अलावा क्यूएसआर ब्रांड्स इंडिया, रॉयल चाइना, टिफिन, यूनाइटेड बेकरी एंड स्टोर्स, श्री पद्मावती एंटरप्राइजेज और होटल पुरंदर विलास के खिलाफ भी खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
FDA के मुताबिक पूरे राज्य में चलाए गए अभियान के दौरान 50 हजार किलोग्राम से अधिक खाद्य उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 1.19 करोड़ रुपये बताई गई है। पुणे, कोल्हापुर और सोलापुर से 28.54 लाख रुपये मूल्य का 6,366.88 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किया गया। जब्त किए गए उत्पादों में खोआ, पनीर, घी, क्रीम, मिठाइयां, श्रीखंड, लस्सी, नारियल तेल, फरसान, आलू के चिप्स और भड़ंग शामिल थे। अधिकारियों को कुछ उत्पादों में मिलावट, घटिया गुणवत्ता, असुरक्षित स्थिति या गलत लेबलिंग का संदेह था।
कोंकण डिवीजन में करीब 23,806.90 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 39.99 लाख रुपये थी। इनमें सेव, चिवड़ा, गाठिया, नमकीन, वेफर्स, तेल, मसाले, सूखे मेवे, चाय, खोआ, सॉस, नूडल्स, कच्चा दूध और मिठाइयां शामिल थीं। FDA ने प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के भंडारण, बिक्री और वितरण की जांच के लिए कोंकण, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर डिवीजन में 26 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण भी किया। जलगांव में 4.28 लाख रुपये मूल्य के 7,749.9 किलोग्राम खाद्य उत्पाद जब्त किए गए, जबकि नागपुर डिवीजन में अस्वच्छ भंडारण, मिलावट, घटिया गुणवत्ता, लेबलिंग की खामियों और बिना लाइसेंस संचालन के मामलों में 32.74 लाख रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री जब्त या नष्ट की गई। त्योहारी सीजन के बीच हुई इस कार्रवाई से खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर FDA की सख्ती साफ दिखाई दे रही है। विभाग ने संकेत दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।