नई दिल्ली। नेशनल एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस (रबी कैंपेन-2026) के दूसरे दिन देश के विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण सत्र में हिस्सा लिया। सम्मेलन में आगामी रबी सीजन की तैयारियों, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय तथा आजीविका को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी भी मौजूद रहे। इसके अलावा केंद्रीय कृषि सचिव अतिश चंद्र, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक एमएल जाट, केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और विभिन्न कृषि संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन में भाग लिया।
सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में केंद्र और राज्यों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़े मुद्दे केवल किसी एक सरकार या राज्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे देश की खाद्य सुरक्षा और करोड़ों किसानों की आजीविका से जुड़े हुए हैं।चौहान ने “टीम एग्रीकल्चर” की भावना के साथ काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल से ही कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकाला जा सकता है। अलग-अलग राज्यों की कृषि परिस्थितियां भले ही अलग हों, लेकिन किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए साझा रणनीति जरूरी है।
रबी अभियान-2026 को लेकर आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य आगामी सीजन के लिए कृषि उत्पादन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करना और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करना है। रबी सीजन में गेहूं, चना, सरसों और अन्य प्रमुख फसलों की बुआई होती है। ऐसे में बीज, खाद, सिंचाई और तकनीकी सहायता से जुड़ी तैयारियां समय रहते पूरी करना महत्वपूर्ण माना जाता है।सम्मेलन में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में सुधार और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों की मौजूदगी में राज्यों की आवश्यकताओं तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की भलाई सरकार की प्राथमिकता है और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र तथा राज्यों को एक टीम के रूप में काम करना होगा। उन्होंने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को समय पर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।कृषि क्षेत्र में नई तकनीक, बेहतर बीज और वैज्ञानिक पद्धतियों के इस्तेमाल को भी महत्वपूर्ण माना गया। सम्मेलन में मौजूद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और अन्य कृषि संस्थानों के प्रतिनिधियों की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वैज्ञानिक अनुसंधान को खेतों तक पहुंचाने और किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए केंद्र और राज्यों के स्तर पर समन्वय की जरूरत बताई गई।
रबी फसलों की तैयारी के दौरान मौसम, सिंचाई और उर्वरकों की उपलब्धता जैसे पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। इस सम्मेलन के जरिए विभिन्न राज्यों से मिले सुझावों और जमीनी अनुभवों को साझा करने का अवसर मिला। राज्यों के कृषि मंत्रियों और अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जरूरतों और चुनौतियों से जुड़ी जानकारी भी रखी।केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से आयोजित इस बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य यह भी रहा कि रबी सीजन शुरू होने से पहले कृषि से जुड़े सभी विभाग एक साझा कार्ययोजना के तहत आगे बढ़ें। किसानों को बीज और खाद समय पर उपलब्ध हों, फसल उत्पादन में बाधा न आए और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय तालमेल पर जोर दिया गया।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर किसानों के हित में काम करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए इससे जुड़े फैसलों में सहयोग और समन्वय होना चाहिए।इस सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कृषि वैज्ञानिकों की भागीदारी ने नीति और अनुसंधान के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत को भी रेखांकित किया। खेती की बदलती परिस्थितियों में उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत कम करने और किसानों की आय बेहतर करने पर भी चर्चा केंद्रित रही।
देश के अलग-अलग राज्यों में रबी फसलों का उत्पादन स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कहीं सिंचाई की उपलब्धता बड़ी चुनौती है तो कहीं मौसम और मिट्टी की स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में राज्यों की जरूरतों के हिसाब से योजनाएं तैयार करने और उन्हें समय पर लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के दूसरे दिन का यह सत्र केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। सम्मेलन में यह संदेश दिया गया कि देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना होगा।कुल मिलाकर रबी कैंपेन-2026 को लेकर आयोजित नेशनल एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस में “टीम एग्रीकल्चर” की भावना प्रमुख रही। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र और राज्यों से एकजुट होकर किसानों के हित में काम करने का आह्वान किया और कहा कि साझा प्रयासों से ही कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सकता है।
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