भारत

BREAKING: एंटीलिया बम धमकी केस में सचिन वाजे की जमानत मंजूर

Shantanu Roy
29 Sept 2026 2:46 PM IST
BREAKING: एंटीलिया बम धमकी केस में सचिन वाजे की जमानत मंजूर
x
बड़ी खबर
Mumbai. मुंबई। मुंबई की स्पेशल NIA कोर्ट ने 2021 के एंटीलिया बम धमकी मामले और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या से जुड़े केस में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को जमानत दे दी है। हालांकि जमानत के विस्तृत आधार और शर्तें अभी सामने नहीं आई हैं। कोर्ट का विस्तृत आदेश उपलब्ध होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि वाजे को किन शर्तों पर राहत दी गई है। सचिन वाजे इस मामले के उन कुछ आरोपियों में शामिल थे, जो अब तक जेल में थे। केस के अधिकांश अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इनमें मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी प्रदीप शर्मा, सुनील माने और रियाजुद्दीन काजी के नाम शामिल हैं।

स्पेशल NIA कोर्ट ने 1 अगस्त को इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या, जबरन वसूली, सबूत नष्ट करने और आपराधिक साजिश से संबंधित आरोप तय किए हैं। इसके अलावा गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी मुकदमा चलेगा। मामले की शुरुआत 25 फरवरी 2021 को हुई थी, जब दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास विस्फोटक सामग्री से भरी एक SUV मिली थी। इस वाहन के मिलने से पूरे मुंबई में हड़कंप मच गया था और मामले की जांच तेजी से शुरू की गई थी।

इसके कुछ दिनों बाद 5 मार्च 2021 को कारोबारी मनसुख हिरेन का शव मिला था। बताया गया था कि वही SUV उनके पास थी। हिरेन की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया और जांच एजेंसियों ने दोनों घटनाओं के बीच संबंध तलाशना शुरू किया। जांच के दौरान बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की भूमिका सवालों के घेरे में आई। इसके बाद मार्च 2021 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उन पर एंटीलिया के पास विस्फोटक वाहन मिलने और मनसुख हिरेन की हत्या से जुड़े मामले में कथित भूमिका के आरोप लगाए गए।

लंबे समय से यह मामला स्पेशल NIA कोर्ट में विचाराधीन है। आरोप तय होने के बाद अब मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी। अभियोजन पक्ष को अदालत में आरोपों से जुड़े साक्ष्य पेश करने होंगे, जबकि बचाव पक्ष आरोपों को चुनौती देगा। अब सचिन वाजे को जमानत मिलने के बाद मामले में नया मोड़ आया है। हालांकि केवल जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। उनके खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा और मामले में अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद ही आएगा। फिलहाल सभी की नजर कोर्ट के विस्तृत आदेश पर है। आदेश सामने आने के बाद जमानत की शर्तों और अदालत द्वारा दी गई राहत के आधार की पूरी जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
Next Story