New Delhi. नई दिल्ली। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में चल रहा विरोध प्रदर्शन अब नियंत्रण रेखा यानी LoC के नजदीक तक पहुंच गया है। मंधोल इलाके में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और पाकिस्तान के नियंत्रण को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। आयोजकों के अनुसार, इस प्रदर्शन में करीब 25 हजार लोग शामिल हुए। मंधोल LoC से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर बताया गया है। प्रदर्शन के दौरान लोगों की ओर से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों की ओर से भारत के साथ जुड़ने की इच्छा और पुराने संपर्क मार्गों को फिर से खोलने की मांग भी सामने आई। हालांकि, भारत के साथ जुड़ने की बात प्रदर्शनकारियों की मांग के रूप में सामने आई है, इसे सभी लोगों की राय के रूप में नहीं माना जा सकता।

पुंछ और मेंढर के रास्ते खोलने की मांग
मंधोल में आयोजित सभा के दौरान आंदोलन से जुड़े नेताओं ने पुंछ और मेंढर की तरफ जाने वाले पुराने रास्तों को दोबारा खोलने की मांग उठाई। उनका कहना है कि इन रास्तों के खुलने से LoC के दोनों तरफ संपर्क बहाल हो सकता है। प्रदर्शन से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, भीड़ से LoC को खत्म करने और पुंछ-मेंढर मार्गों को खोलने को लेकर समर्थन मांगा गया। लोगों की ओर से इन मांगों के समर्थन में प्रतिक्रिया दिए जाने की बात सामने आई है।

पाकिस्तान सरकार पर लगाए गए आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। आंदोलन के दौरान खाने-पीने की जरूरी चीजों की उपलब्धता को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विरोध के बीच PoK में राशन और दूसरी जरूरी चीजों की सप्लाई प्रभावित हुई है। वहीं, पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रदर्शनकारियों की नाराजगी सामने आई है। आंदोलन से जुड़े नेताओं ने पाकिस्तान के प्रशासन और सैन्य व्यवस्था पर कई आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग मामलों में स्पष्ट नहीं है।

आंदोलन के दौरान सेना और सुरक्षा बलों का मुद्दा
प्रदर्शन के बीच पाकिस्तान की सेना और खुफिया तंत्र की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आंदोलनकारियों की ओर से आरोप लगाया गया कि सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से लोगों में नाराजगी बढ़ी है। कुछ रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव तथा कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे मामलों में सामने आने वाले आरोपों और दावों को संबंधित पक्षों के बयान के तौर पर देखना जरूरी है।

आगे किस दिशा में बढ़ेगा आंदोलन?
मंधोल की सभा को PoK में जारी आंदोलन का एक महत्वपूर्ण चरण बताया जा रहा है। प्रदर्शन से जुड़े नेताओं ने LoC के पास आगे भी विरोध प्रदर्शन करने की बात कही है। पुंछ और मेंढर के पुराने रास्तों को खोलना तथा LoC से जुड़े प्रतिबंधों को हटाने की मांग आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल दिखाई दे रही है। अब आगे आंदोलन किस रूप में बढ़ता है, यह प्रदर्शनकारियों की अगली रणनीति और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल मंधोल में हुई बड़ी सभा ने PoK में चल रहे विरोध को एक बार फिर से चर्चा में ला दिया है।
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