नई दिल्ली: विदेश मंत्री (EAM) एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नाइजीरिया की विदेश मंत्री बियांका ओडुमेग्वु-ओजुकु और क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज पारिला के साथ बातचीत की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर शनिवार की मुलाकातों के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "ब्रिक्स इंडिया 2026 के दौरान नाइजीरिया की विदेश मंत्री बियांका ओडुमेग्वु-ओजुकु से मिलकर अच्छा लगा। हमारी बातचीत आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर केंद्रित रही।" क्यूबा के प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी बातचीत के बारे में एक अन्य पोस्ट में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "ब्रिक्स इंडिया 2026 के दौरान क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्ज पारिला से मिलकर अच्छा लगा। हमारे 'साउथ-साउथ सहयोग' (विकासशील देशों के बीच सहयोग) पर उपयोगी चर्चा हुई।" इससे पहले, विदेश मंत्री जयशंकर ने बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिज़ेंकोव के साथ बैठक की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों और मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।
'X' पर इस मुलाकात के बारे में बताते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "आज बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिज़ेंकोव से मिलकर खुशी हुई। व्यापार और निवेश, कनेक्टिविटी, पर्यटन और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। साथ ही, मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। उनके भारत प्रवास के सुखद होने की कामना की।" 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा भारत अभी नई दिल्ली में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसमें सदस्य देशों, सहयोगी देशों और आउटरीच आमंत्रित देशों के नेता शामिल हो रहे हैं।
भारत की अध्यक्षता 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) की मुख्य थीम पर आधारित है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को दर्शाता है जो "मानवता सर्वोपरि" (Humanity First) के दर्शन पर आधारित जन-केंद्रित ढांचा बनाने पर जोर देता है। इन मुख्य स्तंभों के साथ-साथ, भाग लेने वाले नेता साझा प्राथमिकताओं पर ब्रिक्स के भीतर सहयोग बढ़ाने और आपसी महत्व के अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने पर चर्चा करेंगे।
इस समूह में वर्तमान में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। वहीं, सहयोगी देशों की सूची में बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं।