भारत के मसालों का जादू ब्रिक्स समिट में विदेशी मेहमान भी हुए दीवाने
भारत का स्वाद देसी मसालों के मुरीद हुए नेता
नई दिल्ली : आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच विदेशी मेहमान भारतीय संस्कृति, खानपान और मेहमाननवाजी का जमकर आनंद ले रहे हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों से आए प्रतिनिधियों और नेताओं ने दिल्ली के मशहूर कनॉट प्लेस का रुख किया, जहां उन्होंने भारतीय व्यंजनों और देसी मसालों के स्वाद का अनुभव लिया। भारत के पारंपरिक भोजन और मसालों की खुशबू ने विदेशी मेहमानों को खूब आकर्षित किया। ब्रिक्स समिट में शामिल होने आए प्रतिनिधियों के लिए भारत ने न सिर्फ कूटनीतिक मंच तैयार किया है, बल्कि देश की संस्कृति और विरासत से परिचित कराने की भी खास व्यवस्था की है। इसी कड़ी में दिल्ली के ऐतिहासिक और लोकप्रिय स्थानों को विदेशी मेहमानों के लिए खास अनुभव का हिस्सा बनाया गया है।
कनॉट प्लेस में दिखा भारतीय संस्कृति का रंग
दिल्ली का कनॉट प्लेस हमेशा से ही देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। अपनी ऐतिहासिक इमारतों, बाजारों और खाने-पीने की जगहों के लिए मशहूर कनॉट प्लेस में ब्रिक्स देशों से आए मेहमानों ने भारतीय माहौल का आनंद लिया। विदेशी मेहमानों ने यहां भारतीय व्यंजनों का स्वाद चखा और स्थानीय खानपान के बारे में जानकारी ली। भारतीय मसालों की खास खुशबू और स्वाद ने उन्हें काफी प्रभावित किया।
देसी मसालों की दुनिया से हुए रूबरू
भारत दुनियाभर में अपने मसालों के लिए प्रसिद्ध है। हल्दी, जीरा, इलायची, दालचीनी, काली मिर्च जैसे मसालों का इस्तेमाल भारतीय भोजन को खास पहचान देता है। विदेशी मेहमानों ने भारतीय मसालों की विविधता और उनके इस्तेमाल को लेकर भी दिलचस्पी दिखाई। भारतीय भोजन की खासियत उसका स्वाद, रंग और सुगंध है। यही वजह है कि दुनिया के कई देशों में भारतीय व्यंजन लोकप्रिय हैं। ब्रिक्स समिट के दौरान विदेशी नेताओं और प्रतिनिधियों को भारतीय खानपान की झलक दिखाना भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है।
भारत की मेहमाननवाजी की हो रही चर्चा
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल देशों के प्रतिनिधियों के लिए भारत ने सुरक्षा से लेकर स्वागत तक विशेष इंतजाम किए हैं। सम्मेलन के दौरान भारत की संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य को भी प्रमुखता दी जा रही है। विदेशी मेहमानों के अनुभवों में भारतीय भोजन और संस्कृति खास आकर्षण का केंद्र बन रही है। चीन और रूस समेत कई देशों के प्रतिनिधियों ने भारतीय स्वाद और यहां की विविधता को लेकर रुचि दिखाई।
कूटनीति के साथ संस्कृति का मेल
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में केवल बैठकों और समझौतों तक ही संबंध सीमित नहीं रहते, बल्कि संस्कृति और खानपान भी देशों को जोड़ने का माध्यम बनते हैं। भारत ने ब्रिक्स समिट के दौरान अपनी संस्कृति, विरासत और परंपराओं को दुनिया के सामने पेश करने का अवसर बनाया है। कनॉट प्लेस में विदेशी मेहमानों का भारतीय स्वाद का आनंद लेना इसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान का हिस्सा है। इससे भारत की छवि एक ऐसे देश के रूप में मजबूत होती है, जहां आधुनिकता के साथ परंपराओं का भी विशेष महत्व है।