नई दिल्ली। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर उनके युवा केंद्रित फैसलों और नीतियों को याद किया। उन्होंने कहा कि देशभर में युवाओं के बीच चल रही हलचल और बदलते राजनीतिक माहौल के बीच यह याद रखना जरूरी है कि प्रधानमंत्री रहते हुए राजीव गांधी ने युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे।
जयराम रमेश ने कहा कि राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए मतदान की न्यूनतम उम्र को 21 साल से घटाकर 18 साल किया था। इस फैसले के बाद देश के करोड़ों युवाओं को पहली बार सीधे चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि यह कदम भारतीय लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका को बढ़ाने वाला ऐतिहासिक निर्णय था।
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के माध्यम से राजीव गांधी के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज जब देश युवाओं से जुड़े मुद्दों, अवसरों और उनकी भागीदारी को लेकर चर्चा कर रहा है, ऐसे समय में राजीव गांधी के फैसलों को याद करना जरूरी है।
जयराम रमेश ने कहा कि राजीव गांधी ने केवल मतदान की उम्र कम करने का फैसला ही नहीं लिया, बल्कि युवाओं के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण पहल कीं। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी सरकार ने 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया था, ताकि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जा सके।
उन्होंने राजीव गांधी के कार्यकाल में लागू की गई 1988 की नई शिक्षा नीति का भी जिक्र किया। रमेश ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए बनाई गई इस नीति का उद्देश्य देश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था।
कांग्रेस नेता ने नेहरू युवा केंद्र संगठन (NYKS) की स्थापना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी सरकार के दौरान सभी जिलों में नेहरू युवा केंद्र संगठन को विस्तार दिया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सामाजिक और विकास कार्यों से जोड़ना था।
जयराम रमेश ने कहा कि राजीव गांधी का मानना था कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और इसलिए युवाओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना जरूरी है। उन्होंने तकनीक, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया।
राजीव गांधी को आधुनिक भारत की नींव रखने वाले नेताओं में गिना जाता है। उनके कार्यकाल में कंप्यूटर और दूरसंचार क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इन पहलों ने आगे चलकर भारत के डिजिटल विकास की आधारशिला तैयार की।
जयराम रमेश ने कहा कि राजीव गांधी की सोच थी कि युवा केवल देश के भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी देने के लिए कई कदम उठाए।
राजीव गांधी की जयंती पर कांग्रेस नेताओं ने देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। पार्टी की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान पर चर्चा की गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस लगातार राजीव गांधी की युवा केंद्रित नीतियों को सामने रखकर युवाओं से जुड़ने की कोशिश कर रही है। मतदान की उम्र घटाने का फैसला आज भी भारतीय लोकतंत्र के महत्वपूर्ण बदलावों में शामिल माना जाता है।
हालांकि, राजीव गांधी के कार्यकाल को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग राय रही है। जहां कांग्रेस उनके तकनीकी विकास, शिक्षा सुधार और युवा सशक्तिकरण के प्रयासों को प्रमुखता देती है, वहीं विपक्ष उनके कार्यकाल से जुड़े कुछ विवादों को भी उठाता रहा है।
जयराम रमेश ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि राजीव गांधी का राजनीतिक दृष्टिकोण युवाओं को केंद्र में रखकर बनाया गया था। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के लिए उनके योगदान को समझना महत्वपूर्ण है।
राजीव गांधी की 82वीं जयंती के अवसर पर कांग्रेस ने उन्हें याद करते हुए कहा कि देश के युवाओं को अधिकार और अवसर देने की दिशा में उनके फैसले हमेशा महत्वपूर्ण बने रहेंगे।