BRICS समिट में शामिल होने भारत पहुंचे इंडोनेशिया के राष्ट्रपति
भारत पहुंचे इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो
Delhi दिल्ली। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं। राजधानी दिल्ली पहुंचने के साथ ही उनका भारत दौरा शुरू हो गया है। BRICS समिट को लेकर दिल्ली में वैश्विक नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों का आगमन लगातार जारी है। भारत इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इंडोनेशिया की BRICS में भागीदारी को संगठन में दक्षिण-पूर्व एशिया की बढ़ती भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो सम्मेलन के दौरान अन्य सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के साथ विभिन्न वैश्विक और आर्थिक मुद्दों पर होने वाली चर्चाओं में हिस्सा लेंगे।
BRICS मंच पर सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने की उम्मीद है। विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी सहयोग बढ़ाना भी संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इंडोनेशिया दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। ऐसे में BRICS मंच पर उसकी मौजूदगी संगठन के आर्थिक और रणनीतिक महत्व को बढ़ाती है। भारत और इंडोनेशिया के बीच भी लंबे समय से राजनीतिक, आर्थिक, समुद्री और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार माने जाते हैं।
राष्ट्रपति सुबियांतो की भारत यात्रा के दौरान BRICS से जुड़े कार्यक्रमों के अलावा अन्य नेताओं के साथ मुलाकातों पर भी नजर रहेगी। सम्मेलन वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच आयोजित हो रहा है, इसलिए सदस्य देशों के नेताओं की चर्चाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में सम्मेलन को देखते हुए सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए हैं। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही के मद्देनजर कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
18वें BRICS शिखर सम्मेलन के जरिए भारत वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं, बहुपक्षीय सहयोग और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की मौजूदगी भी इसी व्यापक वैश्विक भागीदारी का हिस्सा है। सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के बीच आर्थिक साझेदारी मजबूत करने, व्यापार के नए अवसर तलाशने और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है। राष्ट्रपति सुबियांतो की भागीदारी से BRICS के भीतर दक्षिण-पूर्व एशियाई दृष्टिकोण को भी प्रमुखता मिलने की उम्मीद है।