FCRA संशोधन बिल पर Iqra Hasan का हमला, बोलीं- ‘सिविल सोसाइटी पर अंकुश लगाने की कोशिश’

Update: 2026-04-01 16:09 GMT
Delhi दिल्ली – FCRA संशोधन बिल को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की सांसद Iqra Hasan ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बिल किसी एक समुदाय या धार्मिक अल्पसंख्यकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्वतंत्र सिविल सोसाइटी पर नियंत्रण स्थापित करना है।
इकरा हसन ने कहा कि सरकार की मंशा ऐसे संगठनों और नागरिकों की आवाज को दबाने की है, जो उससे जवाब मांगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के संशोधन के जरिए सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
सांसद ने कहा कि FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) से संबंधित नीतियां पहले भी बनती रही हैं, लेकिन वर्तमान में जो संशोधन प्रस्तावित किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे में धर्म को जोड़कर सरकार अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि यह कदम सिविल सोसाइटी के लिए खतरा है और इसे “हमला” बताया। इकरा हसन ने आरोप लगाया कि भाजपा तानाशाही की दिशा में आगे बढ़ रही है और विपक्ष इस तरह की नीतियों का विरोध करेगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया है और आगामी चुनावों, खासकर केरल के संदर्भ में इसे प्रभावित बताया।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस और तेज हो गई है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच FCRA बिल को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।
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