नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। खाने-पीने की जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से अब घरों में खर्च का हिसाब बदलना पड़ रहा है। चाय में चीनी की मात्रा कम करने से लेकर दाल और तेल की खपत घटाने तक, परिवार अपने मासिक बजट को संभालने के लिए कई तरह के समझौते करने को मजबूर हैं।

पिछले कुछ समय में चीनी, खाद्य तेल, दालों और सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ा है। आम परिवारों का कहना है कि पहले जहां तय रकम में महीने भर का राशन आसानी से आ जाता था, वहीं अब उसी सामान के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
चाय की मिठास पर भी असर
सुबह और शाम की चाय कई परिवारों की रोजमर्रा की आदत है, लेकिन बढ़ती चीनी की कीमतों ने इसका स्वाद भी प्रभावित कर दिया है। कई लोग अब चाय में चीनी कम डाल रहे हैं या दिन में चाय के कपों की संख्या घटा रहे हैं। लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बचत करके ही बढ़ते खर्च को नियंत्रित किया जा सकता है। गृहिणियों के अनुसार, रसोई का खर्च संभालना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। राशन की सूची बनाते समय अब पहले जरूरी चीजों को प्राथमिकता दी जा रही है और कई सामानों की मात्रा कम करनी पड़ रही है।
दाल और तेल ने बढ़ाई परेशानी
दाल और खाद्य तेल रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा हैं, लेकिन इनके दाम बढ़ने से परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। कई घरों में अब महंगी दालों की जगह कम कीमत वाली दालों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। वहीं तेल की बचत के लिए तला हुआ खाना कम किया जा रहा है। खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर मध्यम वर्ग के परिवारों पर ज्यादा पड़ रहा है। खाना बनाने से लेकर नाश्ते तक हर जगह तेल की जरूरत होती है, जिससे महीने का खर्च बढ़ जाता है।
सब्जियों के बढ़ते दाम से भी राहत नहीं
रसोई का बजट केवल दाल और तेल ही नहीं, बल्कि सब्जियों की बढ़ती कीमतों से भी प्रभावित हो रहा है। प्याज समेत कई सब्जियों के दाम बढ़ने से लोगों को कम मात्रा में खरीदारी करनी पड़ रही है। दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में खरीदारी करने वाले लोगों का कहना है कि पहले जितने पैसों में पूरा थैला भर जाता था, अब उतनी ही रकम में कम सामान मिल रहा है। खासकर सीमित आय वाले परिवारों के लिए यह स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है।
बजट संभालने के लिए बदल रहे तरीके
महंगाई से निपटने के लिए लोग अब खर्चों में कटौती कर रहे हैं। कई परिवार बाहर खाने, गैर-जरूरी खरीदारी और महंगे खाद्य पदार्थों से दूरी बना रहे हैं। वहीं घर में राशन का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि आय में बढ़ोतरी नहीं होने के बावजूद रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने से बचत प्रभावित हो रही है। सरकार से मांग की जा रही है कि जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। फिलहाल दिल्ली में महंगाई का असर आम आदमी की रसोई तक साफ दिखाई दे रहा है। चाय की मिठास से लेकर दाल-रोटी तक, हर चीज में संतुलन बनाने की कोशिश जारी है।
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