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व्यापार युद्ध हुआ
नई दिल्ली: अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहा व्यापार विवाद अब और गहरा गया है। कनाडा ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर नए शुल्क लगाने का ऐलान किया है। यह कदम अमेरिका की ओर से लगाए गए नए टैरिफ के जवाब में उठाया गया है। दोनों देशों के बीच बढ़ती तनातनी से वैश्विक व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कनाडा सरकार ने करीब 700 अमेरिकी उत्पादों को निशाना बनाया है। इनमें स्टील, एल्युमिनियम, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, कपड़े और अन्य सामान शामिल हैं। नए शुल्क 8 सितंबर से लागू होंगे। कनाडा ने कहा है कि ये कदम अमेरिकी प्रतिबंधों का जवाब देने और अपने उद्योगों व कामगारों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
अमेरिका के टैरिफ के जवाब में कनाडा का पलटवार
दरअसल, अमेरिका ने हाल ही में कनाडाई उत्पादों पर भारी शुल्क लगाया था। इसके बाद कनाडा ने भी उसी अंदाज में जवाबी टैरिफ लगाने का फैसला किया। कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। कनाडा के वित्त मंत्री और अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला देश की आर्थिक संप्रभुता और घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए जरूरी था। सरकार ने व्यापार विवाद से प्रभावित कंपनियों और कर्मचारियों के लिए आर्थिक सहायता पैकेज की भी घोषणा की है।
700 से ज्यादा अमेरिकी उत्पादों पर असर
कनाडा के नए शुल्कों का असर अमेरिका के कई बड़े क्षेत्रों पर पड़ सकता है। स्टील, कृषि उपकरण, डेयरी उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों को इसका सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक जारी रहने वाले टैरिफ विवाद से दोनों देशों के कारोबार और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार संबंध दुनिया के सबसे बड़े द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में शामिल हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव कंपनियों और ग्राहकों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
महंगाई बढ़ने की आशंका
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि टैरिफ बढ़ने से आयातित वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। कंपनियों की लागत बढ़ने से कई उत्पाद महंगे हो सकते हैं और बाजार में अनिश्चितता बढ़ सकती है। हालांकि दोनों देशों के नेताओं ने बातचीत के रास्ते खुले रखने के संकेत दिए हैं, लेकिन फिलहाल व्यापार युद्ध खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। आने वाले दिनों में यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है तो यह विवाद और बढ़ सकता है।
वैश्विक बाजार पर नजर
अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापार तनाव पर दुनिया भर के बाजारों की नजर है। दोनों देश आर्थिक रूप से एक-दूसरे पर काफी निर्भर हैं, इसलिए लंबे समय तक चलने वाला टैरिफ विवाद वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था और निवेश माहौल को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल कनाडा की जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव और बढ़ गया है। अब देखना होगा कि आगे बातचीत से समाधान निकलता है या व्यापार युद्ध और तेज होता है।
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