Delhi दिल्ली। सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का की ओर ड्रोन पहुंचने की खबर के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और सवाल दोनों बढ़ गए हैं। सऊदी अधिकारियों ने इस घटना के लिए यमन के हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार बताया है, जबकि हूती संगठन ने मक्का जैसे धार्मिक स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया है। सऊदी अरब के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 6:50 बजे मक्का के दक्षिणी इलाके की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन पवित्र शहर के हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था।
सऊदी ने हूतियों पर लगाया आरोप
सऊदी अरब और यमन की सरकारी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि हूती विद्रोहियों की ओर से इस तरह की गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। सऊदी गठबंधन ने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा।
हूतियों ने आरोपों से किया इनकार
दूसरी ओर हूती विद्रोहियों ने मक्का की ओर ड्रोन भेजने के आरोपों को खारिज किया है। हूती प्रवक्ता ने कहा कि उनका संगठन सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता है, धार्मिक स्थलों को नहीं। हूतियों ने दावा किया कि यमन से पवित्र स्थलों को कोई खतरा नहीं है। इसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि अगर हूती जिम्मेदार नहीं हैं तो ड्रोन किसने भेजा और उसका उद्देश्य क्या था।
ड्रोन हमलों को लेकर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऐसे मामलों में केवल ड्रोन को रोकना ही नहीं बल्कि उसके स्रोत, लॉन्च स्थान और नेटवर्क की पहचान करना भी बड़ी चुनौती होती है। पश्चिम एशिया में कई सशस्त्र समूहों के पास ड्रोन तकनीक और हथियारों की उपलब्धता को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है।
2017 में भी मक्का की ओर मिसाइल का दावा
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले 2017 में भी हूती विद्रोहियों की ओर से मक्का की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने का दावा किया गया था। सऊदी अरब ने उस समय भी मिसाइल को नष्ट करने की बात कही थी। मक्का दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों लोग उमराह और हज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मक्का की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।
क्षेत्र में जारी है तनाव
इस घटना के बीच सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव जारी है। हूती समूह ने हाल में सऊदी सैन्य ठिकानों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले के दावे भी किए हैं। हालांकि मक्का ड्रोन मामले में अभी तक जिम्मेदारी को लेकर अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। जांच और आगे आने वाली जानकारियों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ड्रोन कहां से आया और इसके पीछे कौन था।
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