नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम इलाकों में से एक ITO पर रविवार को सड़क हादसा हो गया। ITO ट्रैफिक सिग्नल के पास एक बेकाबू कार डिवाइडर को पार करते हुए दूसरी तरफ पहुंच गई और सामने से आ रही SUV से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हादसे का शिकार हुई SUV का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना पुराने पुलिस मुख्यालय के सामने हुई।
जानकारी के मुताबिक रविवार को ITO ट्रैफिक सिग्नल के पास सामान्य रूप से वाहनों की आवाजाही जारी थी। इसी दौरान एक कार अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई। कार सड़क के बीच बने डिवाइडर को पार करते हुए दूसरी ओर पहुंच गई और सामने से आ रही SUV से उसकी आमने-सामने की टक्कर हो गई।
हादसा अचानक होने के कारण SUV चालक को संभलने या सामने से आ रही बेकाबू कार से बचने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। दोनों गाड़ियों की टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों और राहगीरों का ध्यान दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों की ओर गया।
घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। टक्कर का शिकार हुई SUV के आगे के हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है। बोनट और सामने के अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहे हैं। दूसरी कार को भी टक्कर से नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि हादसे में किसी व्यक्ति को कितनी चोट आई, इसे लेकर तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
ITO दिल्ली के सबसे व्यस्त यातायात वाले इलाकों में शामिल है। यहां दिनभर बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले कई प्रमुख मार्ग इस क्षेत्र से होकर निकलते हैं। ऐसे में ट्रैफिक सिग्नल के पास हुए हादसे से कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी रही।
पुराने पुलिस मुख्यालय के सामने हुए इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद संबंधित एजेंसियां सक्रिय हुईं। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने भी क्षतिग्रस्त वाहनों की तस्वीरें और वीडियो बनाए।
हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। शुरुआती जानकारी में कार के बेकाबू होने की बात सामने आई है। अब यह पता लगाया जाना महत्वपूर्ण होगा कि कार अचानक नियंत्रण से बाहर क्यों हुई। तेज रफ्तार, चालक की गलती या वाहन में किसी तकनीकी समस्या सहित विभिन्न संभावनाओं की जांच की जा सकती है।
इस मामले में घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फुटेज से यह पता लगाया जा सकता है कि हादसे से ठीक पहले कार की रफ्तार क्या थी और वह किस तरह डिवाइडर की तरफ गई। इससे दुर्घटना के घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है।
दिल्ली में भारी यातायात के कारण सड़क सुरक्षा हमेशा महत्वपूर्ण मुद्दा रहता है। खासकर बड़े चौराहों और ट्रैफिक सिग्नलों के आसपास वाहन चालकों की छोटी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। ITO जैसे इलाके में वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण सुरक्षित गति और लेन अनुशासन का पालन बेहद जरूरी है।
डिवाइडर पार कर दूसरी दिशा में पहुंचने वाली दुर्घटनाएं विशेष रूप से खतरनाक होती हैं। दूसरी दिशा से आ रहे वाहन चालक को अचानक सामने आए वाहन से बचने के लिए बेहद कम समय मिलता है। ऐसे मामलों में आमने-सामने की टक्कर होने का खतरा बढ़ जाता है और वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।
रविवार को हुए इस हादसे में भी इसी तरह की स्थिति सामने आई। बेकाबू कार के डिवाइडर पार करने के बाद सामने से आ रही SUV उससे टकरा गई। तस्वीरों में SUV को हुए नुकसान से टक्कर की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा रहा है।
पुलिस जांच में चालक से पूछताछ के साथ वाहनों की स्थिति और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को देखा जा सकता है। यदि किसी यातायात नियम का उल्लंघन सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा वाहन में तकनीकी खराबी की आशंका होने पर उसकी भी जांच की जा सकती है।
घटना ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षित ड्राइविंग की जरूरत को रेखांकित किया है। वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, ट्रैफिक सिग्नल पर सावधानी बरतने और वाहन चलाते समय पूरा ध्यान सड़क पर रखने की सलाह लगातार दी जाती है। खासकर व्यस्त चौराहों पर थोड़ी सी असावधानी भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।
फिलहाल ITO ट्रैफिक सिग्नल पर हुए इस हादसे के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। बेकाबू कार किस वजह से डिवाइडर पार कर गई और दुर्घटना के लिए कौन से कारक जिम्मेदार थे, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुराने पुलिस मुख्यालय के सामने हुए इस हादसे ने व्यस्त सड़क पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जरूर मचा दी।