नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, दिल्ली आबकारी विभाग ने इस साल अप्रैल और अगस्त के बीच अवैध शराब की बिक्री और ट्रांसपोर्टेशन के लिए 725 FIR दर्ज कीं और 730 लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही, 197 गाड़ियां ज़ब्त कीं और लगभग 2.20 लाख बोतल अवैध शराब बरामद की। यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजधानी में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी के खिलाफ दिल्ली सरकार के तेज़ किए गए एनफोर्समेंट अभियान का हिस्सा थी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार अवैध शराब के कारोबार के प्रति ज़ीरो-टॉलरेंस नीति अपना रही है और एक नई आबकारी नीति पर काम कर रही है।
गुप्ता ने कहा, "दिल्ली सरकार अवैध शराब के कारोबार के प्रति ज़ीरो-टॉलरेंस नीति के साथ काम कर रही है। सरकार एक नई आबकारी नीति पर भी काम कर रही है, जिसका मकसद सार्वजनिक सुरक्षा को मज़बूत करना, शराब के कारोबार का ज़िम्मेदार रेगुलेशन, क्वालिटी सुनिश्चित करना और साथ ही सरकार के लिए रेवेन्यू बढ़ाना है।" उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान कानूनी शराब की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और अवैध शराब की बिक्री व तस्करी पर प्रभावी ढंग से रोक लगाना सरकार की प्राथमिकताएं हैं, ताकि दिल्ली के निवासियों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आबकारी विभाग के अनुसार, दिल्ली की भौगोलिक सीमाएं पड़ोसी राज्यों से जुड़ी हुई हैं और यहां लगभग 70 छोटे-बड़े एंट्री रूट हैं, जिससे शहर में अवैध शराब की तस्करी की संभावना बनी रहती है। विभाग की एनफोर्समेंट शाखा इन रूटों पर लगातार नज़र रखती है और अवैध शराब की बिक्री या ट्रांसपोर्टेशन में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करती है।
पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में एनफोर्समेंट कार्रवाई में काफी बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल और अगस्त 2025 के बीच, विभाग ने 315 FIR दर्ज की थीं, 312 लोगों को गिरफ्तार किया था, 112 गाड़ियां ज़ब्त की थीं और लगभग एक लाख बोतल अवैध शराब बरामद की थी।
2026 में इसी अवधि के दौरान, विभाग ने 725 FIR दर्ज कीं, 730 लोगों को गिरफ्तार किया, 197 गाड़ियां ज़ब्त कीं और लगभग 2.20 लाख बोतल अवैध शराब बरामद की।
लाइसेंस वाली जगहों पर नियमों के उल्लंघन के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में सात FIR दर्ज की गई हैं, संबंधित बार को सील किया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की गई है।
विभाग ने कहा कि आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए एनफोर्समेंट गतिविधियों को और तेज़ किया जाएगा। इसका मकसद दिल्ली में कानूनी तरीकों से शराब की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए, अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।
विभाग ने कहा कि बॉन्डेड शराब की सप्लाई सरकारी कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे रिटेल आउटलेट्स और 'ऑन-प्रिमाइसेस' प्रतिष्ठानों (जैसे होटल, क्लब और रेस्तरां) के ज़रिए सुनिश्चित की जाएगी।
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