Delhi दिल्ली। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस BRICS समिट 2026 में हिस्सा लेने के बाद दिल्ली से रवाना हो गए। राजधानी में आयोजित शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद उनकी यात्रा संपन्न हुई। इस दौरान उन्होंने BRICS से जुड़े कार्यक्रमों में फिलीपींस का प्रतिनिधित्व किया। 18वें BRICS लीडर्स समिट के लिए दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, शासनाध्यक्ष और प्रतिनिधि नई दिल्ली पहुंचे थे। सम्मेलन में BRICS के सदस्य देशों के साथ साझेदार देशों की भागीदारी भी देखने को मिली। इसी क्रम में फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस ने भी सम्मेलन में हिस्सा लिया।
BRICS समिट में वैश्विक सहयोग, बहुपक्षीय व्यवस्था, आर्थिक विकास, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपसी समन्वय जैसे विभिन्न मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। सम्मेलन के दौरान विकासशील देशों के हितों और बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। फिलीपींस की भागीदारी को भी इसी व्यापक अंतरराष्ट्रीय संवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति मार्कोस की मौजूदगी ने BRICS के सदस्य देशों और साझेदार देशों के बीच संवाद के बढ़ते दायरे को रेखांकित किया।
भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS समिट के दौरान विभिन्न देशों के नेताओं ने आपसी सहयोग और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर अपनी बात रखी। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया। समिट समाप्त होने के साथ ही विदेशी नेताओं की दिल्ली से वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस भी अपनी यात्रा पूरी करने के बाद दिल्ली से रवाना हुए।
राष्ट्रपति मार्कोस का दौरा ऐसे समय हुआ जब BRICS के विस्तार और साझेदार देशों के साथ इसके संबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष चर्चा हो रही है। सम्मेलन ने सदस्य और साझेदार देशों को वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा करने का मंच उपलब्ध कराया। फिलीपींस दक्षिण-पूर्व एशिया का एक महत्वपूर्ण देश है और भारत के साथ उसके विभिन्न क्षेत्रों में संबंध हैं। ऐसे में राष्ट्रपति मार्कोस की BRICS समिट में भागीदारी को बहुपक्षीय संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल BRICS समिट 2026 में अपनी भागीदारी पूरी करने के बाद राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस दिल्ली से रवाना हो चुके हैं। सम्मेलन के बाद अन्य विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की वापसी भी जारी है।
Tags: