TRISHUR त्रिशूर। केरल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य सचिवालय सदस्य बेबी जॉन मास्टर का निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे बेबी जॉन मास्टर का त्रिशूर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर है। बेबी जॉन मास्टर CPI(M) के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और लंबे समय तक पार्टी की राजनीतिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे। वह पार्टी की राज्य सचिवालय के सदस्य भी रह चुके थे। संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने पार्टी को मजबूत करने और उसकी नीतियों को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाई।
जानकारी के मुताबिक, बेबी जॉन मास्टर लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें त्रिशूर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उनका उपचार चल रहा था, लेकिन उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद CPI(M) से जुड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनके लंबे योगदान को याद किया जा रहा है।
बेबी जॉन मास्टर का राजनीतिक जीवन वामपंथी राजनीति और CPI(M) संगठन से जुड़ा रहा। पार्टी के राज्य स्तर के महत्वपूर्ण निकाय में जिम्मेदारी संभालने के कारण संगठन के भीतर उनकी अलग पहचान रही। वह जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी जाने जाते थे। केरल में CPI(M) का मजबूत संगठनात्मक आधार रहा है और पार्टी की राज्य इकाई में सचिवालय की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। बेबी जॉन मास्टर ने राज्य सचिवालय सदस्य के तौर पर पार्टी की रणनीति और संगठन से संबंधित विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।
उनके निधन को पार्टी के लिए एक वरिष्ठ नेता की क्षति के रूप में देखा जा रहा है। उनके साथ लंबे समय तक काम करने वाले नेता और कार्यकर्ता उनके राजनीतिक एवं संगठनात्मक योगदान को याद कर रहे हैं। बेबी जॉन मास्टर के निधन के बाद उनके परिवार, समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं। लंबे समय से बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती वरिष्ठ नेता के निधन की खबर ने उनके समर्थकों को दुखी कर दिया है। CPI(M) के साथ लंबे राजनीतिक सफर के दौरान बेबी जॉन मास्टर ने संगठन में कई भूमिकाएं निभाईं। उनके निधन के साथ केरल की वामपंथी राजनीति ने अपने एक अनुभवी नेता को खो दिया है।
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