नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में शुक्रवार को एक इमारत की दूसरी मंजिल पर आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल की कुल 25 गाड़ियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति के इमारत के अंदर फंसे होने की सूचना नहीं है और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आग इमारत की दूसरी मंजिल पर लगी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल विभाग ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। इमारत के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया। आग पर नियंत्रण पाने के साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए। पुलिस ने पुष्टि की है कि सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
आग की घटना के बाद आसपास के इलाके में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। एहतियात के तौर पर घटनास्थल के पास मौजूद दूसरी इमारतों को भी खाली कराया गया। इसका उद्देश्य आग या धुएं के फैलने की स्थिति में आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। बड़ी संख्या में दमकल वाहनों और पुलिस की मौजूदगी के कारण इलाके में बचाव अभियान बड़े स्तर पर चलाया गया।दमकलकर्मियों ने अलग-अलग दिशाओं से आग बुझाने का अभियान चलाया। आखिरकार आग पर नियंत्रण पा लिया गया। इसके बाद घटनास्थल पर कूलिंग ऑपरेशन शुरू किया गया, ताकि इमारत के किसी हिस्से में दोबारा आग भड़कने की आशंका को खत्म किया जा सके। आग बुझने के बाद भी दमकलकर्मी मौके पर मौजूद रहे और प्रभावित हिस्सों की जांच करते रहे।
फिलहाल आग लगने के कारणों के बारे में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि आग लगने से संपत्ति को कितना नुकसान हुआ। शुरुआती प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोकने की रही। संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद आग के वास्तविक कारण और नुकसान की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।घटना के दौरान आसपास की इमारतों से लोगों को बाहर निकालने का फैसला सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। घनी आबादी वाले इलाके में आग लगने की स्थिति में धुआं और लपटें आसपास की संपत्तियों को भी प्रभावित कर सकती हैं। इसी वजह से पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा।
इस घटना से कुछ दिन पहले दिल्ली में एक और भीषण आग की घटना सामने आई थी। रविवार दोपहर धर्मशिला अस्पताल के पास स्थित एक लकड़ी के गोदाम में आग लग गई थी। लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामान मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैली और दमकल विभाग को बड़े स्तर पर अभियान चलाना पड़ा। आग पर काबू पाने के लिए करीब 13 से 14 दमकल वाहनों को मौके पर भेजा गया था।लगातार सामने आ रही आग की घटनाएं राजधानी में फायर सेफ्टी के महत्व को भी रेखांकित करती हैं। खासकर व्यावसायिक इमारतों, गोदामों और घनी आबादी वाले इलाकों में फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, सुरक्षित निकासी मार्ग और बिजली के उपकरणों की नियमित जांच महत्वपूर्ण होती है। आग जैसी आपात स्थिति में इमारत से सुरक्षित और तेजी से बाहर निकलने की व्यवस्था बड़े हादसे को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
दिल्ली में विभिन्न सरकारी भवनों में अग्निशमन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी काम चल रहा है। दिल्ली सरकार के आधिकारिक ई-टेंडर पोर्टल पर सितंबर 2026 में नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की ओर से विभिन्न भवनों में अग्निशमन व्यवस्था से जुड़े कामों के लिए निविदाएं प्रकाशित की गई हैं। इनमें फायर फाइटिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरणों से संबंधित कार्य शामिल हैं।मॉडल टाउन की घटना में फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि किसी व्यक्ति के फंसे होने की सूचना नहीं मिली और इमारत में मौजूद लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। 25 फायर टेंडर की मदद से आग को नियंत्रित करने के बाद कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा गया।पुलिस और दमकल विभाग की ओर से घटना से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। आग कैसे लगी, इमारत में उस समय कितने लोग मौजूद थे और संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचा, इन सवालों के जवाब विस्तृत जांच के बाद सामने आ सकते हैं। फिलहाल घटनास्थल पर स्थिति नियंत्रण में बताई गई है।
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