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देश के डिजिटल हेल्थ सिस्टम पर बड़ा मंथन जेपी नड्डा ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

Ratna Netam
25 Sept 2026 4:34 PM IST
देश के डिजिटल हेल्थ सिस्टम पर बड़ा मंथन जेपी नड्डा ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
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नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘आरोग्य मंथन 2026’ का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के आठ वर्ष और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया। इसमें स्वास्थ्य बीमा, डिजिटल हेल्थ, तकनीक और देश की स्वास्थ्य सेवाओं के अगले चरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ हेल्थकेयर प्रोवाइडर, बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि, टेक्नोलॉजी और डिजिटल हेल्थ विशेषज्ञ, शिक्षाविद, डेवलपमेंट पार्टनर और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारक शामिल हुए। इसका उद्देश्य देश के हेल्थ एश्योरेंस और डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करने के साथ भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा करना है।
सभा को संबोधित करते हुए नड्डा ने AB PM-JAY के आठ वर्ष और ABDM के पांच वर्ष पूरे होने पर इससे जुड़े सभी हितधारकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अवसर अब तक की प्रगति का आकलन करने के साथ गरीब और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता को दोहराने का भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण का उल्लेख किया।आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत 2018 में की गई थी। योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर होने वाले बड़े स्वास्थ्य खर्च से वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इसके तहत प्रति पात्र परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, योजना का दायरा 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच चुका है और इसके माध्यम से 13 करोड़ से ज्यादा अस्पताल भर्ती की सुविधा दी गई है। इन उपचारों का कुल मूल्य दो लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।
योजना का एक महत्वपूर्ण विस्तार अक्टूबर 2024 में किया गया था, जब 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना इसके दायरे में लाया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस विस्तार से करीब छह करोड़ अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिकों तक स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ा है।दूसरी ओर, सितंबर 2021 में शुरू किया गया आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन देश में एक आपस में जुड़ा और नागरिक-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य ढांचा विकसित करने पर केंद्रित है। इसके तहत आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट यानी ABHA, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री जैसे डिजिटल ढांचे विकसित किए गए हैं। इनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं के सुरक्षित आदान-प्रदान को आसान बनाना है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के 1 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, देश में 97.8 करोड़ से अधिक ABHA बनाए जा चुके हैं। इनके साथ 121 करोड़ से ज्यादा हेल्थ रिकॉर्ड लिंक किए गए हैं। ABDM इकोसिस्टम में 5.6 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं और करीब 11 लाख हेल्थकेयर प्रोफेशनल पंजीकृत हो चुके हैं।आरोग्य मंथन 2026 में स्वास्थ्य बीमा प्रक्रियाओं को ज्यादा सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने पर भी चर्चा रखी गई। ‘NHCX for Streamlining Health Insurance’ सत्र में नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा AB PM-JAY और ABDM से जुड़े अलग-अलग सत्रों में क्लेम प्रोसेसिंग, डेटा और एनालिटिक्स, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और कॉमन हेल्थ डेटा स्टैंडर्ड जैसे विषय शामिल किए गए।
कार्यक्रम में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने वाली कई नई पहलों को भी शामिल किया गया। इनमें नेशनल हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स रजिस्ट्री मोबाइल ऐप, NHCX इम्प्लीमेंटेशन गाइड, मॉडल डिजिटल हेल्थ फैसिलिटी के लिए गाइडबुक, सिक्योर डेटा एनवायरनमेंट (SDE) एप्लिकेशन और AB PM-JAY के तहत क्लेम के ऑटो-एडजुडिकेशन से संबंधित फ्रेमवर्क शामिल हैं।सिक्योर डेटा एनवायरनमेंट को स्वास्थ्य डेटा के जिम्मेदार इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में पेश किया गया है। इसे NHA ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के सहयोग से विकसित किया है। इसका उद्देश्य व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य अनुसंधान, कार्यक्रमों की योजना, परिणामों के विश्लेषण और जिम्मेदार AI इनोवेशन के लिए नियंत्रित वातावरण उपलब्ध कराना है।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को नागरिकों के लिए सरल बनाने के लिए Scan & Register, Scan & Pay और e-Sushrut Clinic जैसी पहल भी ABDM का हिस्सा हैं। इसके साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल मानकों के जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी काम किया जा रहा है।आरोग्य मंथन 2026 में AB PM-JAY और ABDM के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित करने का कार्यक्रम भी रखा गया है। आयोजन के जरिए पिछले वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता, डिजिटल एकीकरण और वित्तीय सुरक्षा को आगे बढ़ाने की प्राथमिकताओं पर चर्चा की जा रही है।
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