Delhi दिल्ली : आईटीओ चौराहे पर हर दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। लोक निर्माण विभाग ने इस व्यस्त चौराहे पर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह परियोजना रिंग रोड और विकास मार्ग को जोड़ने वाले ट्रांजिट कॉरिडोर को बेहतर बनाने का हिस्सा है, जिससे दिल्लीवासियों का सफर आसान और तेज होगा।
इस परियोजना की विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने करीब दो करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। इसमें एक सलाहकार एजेंसी के जरिए ट्रैफिक और तकनीकी पहलुओं का अध्ययन (पीसिबिलिटी स्टडी) होना है। ये सलाहकार एजेंसी करीब सात महीने में डीपीआर तैयार करेगी। इसमें ट्रैफिक अध्ययन, परियोजना पर होने वाला खर्च और पर्यावरणीय मंजूरी, पेड़ों की कटाई के लिए सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) की मंजूरी, यूटीपेक और डीयूएसी से डिजाइन मंजूरी शामिल होगी। दो जुलाई तक सलाहकार एजेंसी तय की जानी है।
पीब्ल्यूडी के मुकाबिक इस परियोजना में सिर्फ फ्लाईओवर और अंडरपास ही नहीं, बल्कि पूरे कॉरिडोर और उसके आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा। आईटीओ और इसके आस पास के सभी चौराहों, मध्य-खंडों का विस्तृत थ्री-डी डिजाइन तैयार किया जाएगा। इसके शुरुआती सर्वे में पाया गया है कि रिंग रोड से विकास मार्ग की ओर फ्लाईओवर बनाना संभव है, लेकिन बहादुर शाह जफर मार्ग पर रेलवे लाइन और मेट्रो के कारण फ्लाईओवर या अंडरपास बनाना मुश्किल है।
सलाहकार एजेंसी को ट्रैफिक सर्वे, जियो-टेक्निकल जांच और थ्री-डी डिजाइन बनाकर इसका हल निकालना होगा। आईटीओ चौराहा दिल्ली का एक प्रमुख ट्रैफिक हब है, जहां रिंग रोड, विकास मार्ग और बहादुर शाह जफर मार्ग मिलते हैं। यहां भारी ट्रैफिक और पैदल यात्रियों की भीड़ के कारण अक्सर जाम लगता है। सरकारी दफ्तरों, जैसे आयकर भवन और आईसीएआई के साथ आईटीओ मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप इस इलाके को और व्यस्त बनाते हैं। इस कारण कई बार विकास मार्ग और अक्षरधाम तक घंटों जाम लगता है। पीडब्ल्यूडी का लक्ष्य है कि यहां एक फ्लाईओवर बनाकर ट्रैफिक को सुचारू किया जाए।