New Delhi. नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में हुए हमले को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ी चेतावनी दी है। नेतन्याहू ने कहा है कि जांच में अगर यह सामने आता है कि हमलावर को किसी ने इस घटना को अंजाम देने के लिए भेजा था, तो जिम्मेदार लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि घटना के पीछे किसी संगठन या देश की भूमिका की अभी पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया। इस दौरान विमान तेजी से नीचे आया, लेकिन यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य पायलटों की मदद से स्थिति पर काबू पाया गया। विमान को आखिरकार सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया।
घटना के बाद नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा कि जांचकर्ताओं को संकेत मिले हैं कि हमलावर कथित तौर पर इस्लामी कट्टरपंथ से प्रभावित था। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि हमलावर की ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। हालांकि हमले के पीछे का पूरा मकसद और किसी बाहरी व्यक्ति या संगठन की संभावित भूमिका अभी जांच का विषय है। नेतन्याहू ने विमान में मौजूद उन यात्रियों की भी सराहना की जिन्होंने हमलावर को काबू करने में मदद की। उन्होंने कहा कि यात्रियों और घायल कैप्टन की कार्रवाई से बड़ी त्रासदी टल गई। कैप्टन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इजरायली प्रधानमंत्री ने घटना की तुलना संभावित बड़े विमान हादसे से करते हुए कहा कि अगर विमान पर नियंत्रण हासिल नहीं किया जाता तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।
उन्होंने कहा कि अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी ने अकेले घटना को अंजाम दिया या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका थी। इस बीच सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों की ओर से भी घटना की जांच की जा रही है। आरोपी सह-पायलट को हिरासत में लिया गया है। घटना ने विमानन सुरक्षा, विशेष रूप से कॉकपिट के भीतर संभावित खतरे और एयरलाइन कर्मचारियों की सुरक्षा जांच को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनकी बहादुरी की भारत और इजरायल दोनों में सराहना हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे बातचीत कर उनके साहस की प्रशंसा की। कैप्टन ने बताया कि घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिससे अन्य लोग अंदर पहुंच सके और विमान को सुरक्षित बचाने में मदद मिली। फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपी की पृष्ठभूमि, उसके संभावित संपर्कों और हमले के मकसद की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह अकेले किया गया हमला था या इसके पीछे किसी अन्य की भूमिका थी।