दिल्ली पुलिस ने मेट्रो के भीतर सक्रिय गड्डीबाज गैंग के दो शातिर अपराधियों को धर दबोचा
दिल्ली मेट्रो ट्रैन क्राइम न्यूज़: मेट्रो के भीतर नोटों की गड्डी दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित आनंद विहार मेट्रो स्टेशन पर एक युवक को ठगने का प्रयास कर रहे थे। उसी दौरान शक होने पर युवक ने दोनों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इनके पास से नोटों की गड्डी बरामद हुई है, जिसमें अखबार की कतरन भरी हुई थी। डीसीपी जितेंद्र मणि ने बताया कि 11 अप्रैल को सिपाही आदेश कुमार अन्य पुलिसकर्मियों के साथ आनंद विहार मेट्रो स्टेशन पर तैनात था। यहां पर गश्त के दौरान मोहम्मद अबूजर दो युवकों को उनके पास लाया जो भागने की कोशिश कर रहे थे। उसने आदेश को बताया कि वह दिल्ली में किराए के घर में रहता है। वह एक प्लंबर है। वह छतरपुर मेट्रो स्टेशन से आनंद विहार मेट्रो स्टेशन जा रहा था। वहां से उसे बिहार स्थित अपने गांव जाना था। वह जब आनंद विहार मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलकर रेलवे स्टेशन की तरफ जाने लगा तो एक लड़का रोते हुए उसके पास आया।
उस लड़के ने बताया कि वह पानीपत में नौकरी करता था। वहां उसका मालिक उसे रोज पीटता था और वेतन भी नहीं देता था। आज मौका मिलने पर उसने मालिक के 500 रुपये के 3 बंडल चोरी कर लिए। उसने यह बंडल रुमाल में लपेटे हुए उसे दिखाएं। उसने बताया कि इतने ज्यादा रुपए देखकर पुलिस उसे पकड़ लेगी। उसने बोला कि यह रुपए वह रख ले और इसकी जगह उसे 50 हजार रुपये दे दे। वहां पर उसका एक अन्य साथी भी आ गया। उन्होंने शिकायतकर्ता से पूछा कि उसके पास कितने रुपए हैं। उसने बताया कि उसके पास केवल सात हजार रुपये हैं। उन्होंने उसे एटीएम से या अपने किसी रिश्तेदार से रुपए लेने के लिए कहा। वह उसे पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम ले गए, लेकिन वहां पर उसे कुछ गड़बड़ महसूस हुई। इसलिए उन्हें पकड़कर वह पुलिस वालों के पास ले आया। आरोपितों के पास मौजूद बंडल की जांच की गई तो देखा गया कि केवल ऊपर 500 रुपये का नोट लगा था। बीच में सभी अखबार की कतरन भरी गई थी। वह पीड़ित से ठगी करने की कोशिश कर रहे थे। इस बाबत यमुना डिपो मेट्रो स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपितों की पहचान 20 वर्षीय मुस्तकीम और 19 वर्षीय समीर शेख के रूप में की गई है। दोनों बवाना के रहने वाले हैं। वह बस स्टॉप, मेट्रो स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर लोगों को शिकार बनाते हैं। मुस्तकीम के खिलाफ पहले भी तीन मामले नरेला थाने में दर्ज हैं।