30 फीट गहरे गड्ढे में गिरी मिट्टी की ढांग ताऊ की मौत भतीजा मलबे में दबा
नलकूप के गड्ढे में हादसा ताऊ की मौत गौरव को बचाने की जंग जारी
Saharanpur सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बड़गांव थाना क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। चिराऊ गांव में करीब 30 फीट गहरे नलकूप के गड्ढे से ईंट निकालने के दौरान अचानक मिट्टी की ढांग भरभराकर गिर गई। हादसे में ताऊ राजेंद्र और उनका 12 वर्षीय भतीजा गौरव मलबे के नीचे दब गए। कई घंटों की मशक्कत के बाद राजेंद्र को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। वहीं गौरव अभी भी मिट्टी के नीचे दबा हुआ है और उसे सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जानकारी के मुताबिक घटना बड़गांव थाना क्षेत्र के चिराऊ गांव की है। यहां नलकूप का करीब 30 फीट गहरा गड्ढा था। बताया जा रहा है कि राजेंद्र अपने 12 वर्षीय भतीजे गौरव के साथ गड्ढे से ईंट निकाल रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया और देखते ही देखते दोनों मलबे के नीचे दब गए।
हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़े और दोनों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। हादसे की जानकारी पुलिस और प्रशासन को भी दी गई, जिसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया। गड्ढा काफी गहरा होने और मिट्टी लगातार खिसकने के कारण रेस्क्यू टीम को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बचाव अभियान के दौरान दोबारा मिट्टी गिरने का खतरा भी बना हुआ है। इसके चलते टीम बेहद सावधानी के साथ मलबा हटा रही है। जेसीबी मशीनों की मदद भी ली जा रही है।
घंटों की मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने राजेंद्र को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। राजेंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। दूसरी ओर 12 वर्षीय गौरव को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई है। गौरव के परिजन उसके सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। लगातार खिसक रही मिट्टी बचाव अभियान के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। ग्रामीण भी रेस्क्यू टीम के साथ मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। रेस्क्यू टीम की प्राथमिकता मलबे में दबे बच्चे तक जल्द से जल्द पहुंचना और उसे सुरक्षित बाहर निकालना है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे चिराऊ गांव में शोक और चिंता का माहौल है। एक तरफ राजेंद्र की मौत से परिवार सदमे में है, वहीं दूसरी तरफ गौरव के सुरक्षित निकलने के लिए ग्रामीण और परिजन लगातार प्रार्थना कर रहे हैं।