नई दिल्ली: देश के करोड़ों प्रीपेड मोबाइल ग्राहकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। बीजेपी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने बताया कि सरकार ने ‘टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026’ लागू कर दिए हैं।

नए नियमों के तहत अब प्रीपेड मोबाइल यूजर्स को 30 दिन की वैलिडिटी वाले रिचार्ज प्लान उपलब्ध हो सकेंगे। इसके अलावा ऐसे ग्राहकों के लिए अलग प्लान लाने का प्रावधान किया गया है, जिन्हें मोबाइल में डेटा की जरूरत नहीं होती और वे केवल कॉलिंग व SMS सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं।

30 दिन वाले रिचार्ज से ग्राहकों को राहत

राघव चड्ढा ने नए नियमों को कम बजट वाले मोबाइल ग्राहकों के लिए राहत बताया है। उन्होंने कहा कि पहले कई टेलीकॉम कंपनियां अपने कुछ प्लान को ‘मंथली’ बताती थीं, लेकिन उनकी वैलिडिटी वास्तव में 28 दिनों की होती थी।

इस वजह से ग्राहकों को एक साल में 12 की जगह 13 बार रिचार्ज करना पड़ता था। अब 30 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान आने से ग्राहकों को पूरे महीने के लिए एक समान अवधि का रिचार्ज मिल सकेगा।

साल में कम बार करना होगा रिचार्ज

28 दिन वाले प्लान के कारण ग्राहकों को हर साल अतिरिक्त रिचार्ज करना पड़ता था। उदाहरण के तौर पर 28 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान में 365 दिनों की अवधि पूरी करने के लिए लगभग 13 रिचार्ज की जरूरत पड़ती थी।

वहीं, 30 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान से ग्राहकों को साल में करीब 12 बार ही रिचार्ज करना होगा। इससे ग्राहकों को सुविधा के साथ-साथ आर्थिक बचत भी हो सकती है।

बिना डेटा वाले ग्राहकों के लिए अलग प्लान

नए नियमों में एक और महत्वपूर्ण बदलाव उन ग्राहकों के लिए किया गया है, जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं होती।

अब टेलीकॉम कंपनियों को सिर्फ वॉइस कॉल और SMS सुविधा वाले प्लान उपलब्ध कराने होंगे। इससे ऐसे ग्राहकों को फायदा मिलेगा जो इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते या बहुत कम करते हैं।

बुजुर्ग और कम आय वाले ग्राहकों को फायदा

मोबाइल सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले कई लोग केवल कॉल करने और संदेश भेजने के लिए फोन रखते हैं। खासकर बुजुर्ग, ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहक और कम आय वर्ग के लोग अक्सर डेटा की जरूरत महसूस नहीं करते।

ऐसे ग्राहकों को अब केवल जरूरत वाली सेवाओं के लिए भुगतान करने का विकल्प मिलेगा। उन्हें अनावश्यक डेटा सुविधा वाले महंगे प्लान लेने की जरूरत नहीं होगी।

ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से होंगे प्लान

टेलीकॉम क्षेत्र में लंबे समय से ग्राहकों की मांग रही है कि कंपनियां अलग-अलग जरूरतों के अनुसार प्लान उपलब्ध कराएं। कई ग्राहक केवल कॉलिंग सुविधा चाहते हैं, जबकि कई लोग इंटरनेट डेटा को प्राथमिकता देते हैं।

नए नियमों के बाद टेलीकॉम कंपनियों को ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्लान तैयार करने होंगे।

उपभोक्ता हितों पर जोर

टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन नियमों का उद्देश्य मोबाइल ग्राहकों के हितों की रक्षा करना है। इन नियमों के जरिए ग्राहकों को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।

ग्राहकों को रिचार्ज की अवधि और प्लान में मिलने वाली सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी मिलने से निर्णय लेना आसान होगा।

टेलीकॉम कंपनियों पर भी बढ़ेगी जिम्मेदारी

नए नियम लागू होने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को अपने रिचार्ज प्लान में बदलाव करने होंगे। कंपनियों को ग्राहकों की जरूरत के अनुसार नए विकल्प उपलब्ध कराने होंगे।

साथ ही उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्लान की जानकारी ग्राहकों को साफ और सही तरीके से दी जाए।

डिजिटल सेवाओं के दौर में अहम बदलाव

भारत में मोबाइल और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में टेलीकॉम सेवाओं को ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार बनाना महत्वपूर्ण हो गया है।

30 दिन की वैलिडिटी वाले प्लान और बिना डेटा वाले विकल्पों से अलग-अलग वर्ग के मोबाइल ग्राहकों को अपनी जरूरत के हिसाब से सेवा चुनने में आसानी होगी।

नए नियम लागू होने के बाद अब प्रीपेड मोबाइल ग्राहकों को रिचार्ज विकल्पों में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर वे लोग जो केवल कॉलिंग और SMS सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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