नस्लीय टिप्पणी पर भड़के प्रद्योत देब बर्मा, बोले चैनलों को भी किया जाए ब्लॉक
नई दिल्ली। पूर्वोत्तर भारत के लोगों के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी और अपमानजनक वीडियो का मामला सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। टिपरा मोथा पार्टी के संस्थापक प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देब बर्मा ने शनिवार को दिल्ली के कंटेंट क्रिएटर आमिर शौकीन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल आरोपी को जेल भेजना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यूज और पैसे कमाने के लिए इस तरह का आपत्तिजनक कंटेंट बनाने वाले चैनलों और खातों को भी ब्लॉक किया जाना चाहिए।प्रद्योत देब बर्मा ने यह बात दिल्ली में त्रिपुरा स्टूडेंट फोरम (TSF) के प्रतिनिधिमंडल और त्रिपुरा के युवक लेसोंजित रियांग से मुलाकात के बाद कही। यह मामला सोशल मीडिया पर सामने आए उस वीडियो से जुड़ा है, जिसमें युवक के साथ कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी और अपमानजनक व्यवहार किया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद पूर्वोत्तर के कई क्षेत्रों में नाराजगी देखने को मिली।
प्रद्योत देब बर्मा ने कार्रवाई को बताया जरूरी
प्रद्योत देब बर्मा ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब मामले को ऐसी मिसाल बनाना चाहिए, जिससे भविष्य में किसी व्यक्ति को उसकी क्षेत्रीय पहचान, शारीरिक बनावट या समुदाय के आधार पर अपमानित करने की हिम्मत न हो।उन्होंने कहा कि भारत में किसी भी क्षेत्र या राज्य के लोगों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को सामान्य बात मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि समाज में सम्मान और समानता की भावना बनी रहे।देब बर्मा ने सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए अपमानजनक कंटेंट बनाने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ज्यादा व्यूज हासिल करने और उनसे कमाई करने के उद्देश्य से इस तरह के वीडियो बनाते हैं। ऐसे में सिर्फ संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई करने के बजाय कंटेंट को बढ़ावा देने वाले चैनलों और खातों पर भी कदम उठाया जाना चाहिए।
लेसोंजित रियांग के मामले में बढ़ा विवाद
यह मामला त्रिपुरा के कंचनपुर क्षेत्र के आनंद बाजार निवासी लेसोंजित रियांग से जुड़ा है। वीडियो में उनके साथ कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी और अपमानजनक व्यवहार किए जाने के आरोप सामने आए हैं।वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद टिपरा मोथा पार्टी और पूर्वोत्तर के कई संगठनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। त्रिपुरा स्टूडेंट फोरम भी इस मामले को लेकर सक्रिय रहा है।प्रद्योत देब बर्मा ने कहा कि वह त्रिपुरा स्टूडेंट फोरम के संपर्क में रहते हैं और इस मामले में प्रभावित युवक को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक सहयोग किया जाना चाहिए।
दिल्ली की अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
मामले में आरोपी कंटेंट क्रिएटर आमिर शौकीन को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शनिवार, 24 अक्टूबर को दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।इससे पहले आरोपी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसकी अवधि समाप्त होने के बाद उसे दोबारा अदालत में पेश किया गया।पुलिस ने अदालत में कहा कि आरोपी से वीडियो के संबंध में पूछताछ करनी है। साथ ही जांच के लिए अहमदाबाद ले जाकर वीडियो में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है। पुलिस को मोबाइल फोन सहित कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद करने हैं।
वीडियो बनाने और अपलोड करने वालों की भूमिका की जांच
पुलिस के अनुसार, वीडियो कथित तौर पर अहमदाबाद में रिकॉर्ड किया गया था और बाद में सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ। जांच एजेंसियां वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगा रही हैं।इस मामले में दिल्ली और त्रिपुरा में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। जांच का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों, वीडियो बनाने वालों की भूमिका और कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े तथ्यों का पता लगाना है।
नस्लीय भेदभाव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
प्रद्योत देब बर्मा की मांग है कि इस मामले में ऐसी कार्रवाई हो, जिससे भविष्य में पूर्वोत्तर के लोगों या किसी अन्य समुदाय के व्यक्तियों को उनकी पहचान के आधार पर अपमानित करने की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिले।उन्होंने कहा कि इस मामले को केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री फैलाने और उससे आर्थिक लाभ कमाने की प्रवृत्ति पर भी ध्यान देना जरूरी है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आरोपी और वीडियो में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।