राजधानी में 35 लाख से अधिक का संदिग्ध मिलावटी घी-तेल जब्त
मिलावट पर शिकंजा, 35 लाख से ज्यादा का माल जब्त
SURAT सूरत। गुजरात में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया के सख्त निर्देशों के बाद सूरत और दीसा में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 35 लाख रुपये से अधिक मूल्य का संदिग्ध मिलावटी घी और तेल जब्त किया गया है। जब्त किए गए उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सूरत जिले के कामरेज तालुका स्थित स्टाड परदी के हिंदवा ड्रीम औद्योगिक एस्टेट में केवल फूड प्रोडक्ट द्वारा संचालित एक फैक्ट्री पर छापा मारा गया। जांच के दौरान सामने आया कि यह इकाई कथित तौर पर बिना वैध लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। यहां असली उत्पादों के नाम पर संदिग्ध मिलावटी घी तैयार करने और उसकी पैकेजिंग किए जाने का संदेह है।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने ‘श्री अनमोल रतन गाय घी’ ब्रांड के नाम से पैक किया गया करीब 5,157 लीटर घी जब्त किया। इसकी अनुमानित कीमत 26.12 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा फैक्ट्री से करीब 1,485 किलोग्राम पामोलिन तेल भी बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 3.63 लाख रुपये है। अधिकारियों ने 285 किलोग्राम सोयाबीन तेल भी जब्त किया है। आशंका है कि इन तेलों का इस्तेमाल घी में कथित मिलावट के लिए किया जाना था। हालांकि इसकी पुष्टि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। विभाग ने सभी जब्त खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन के मुताबिक फैक्ट्री को कथित तौर पर बाहर से बंद दिखाकर अंदर उत्पादन और पैकिंग का काम किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने परिसर की जांच कर वहां मौजूद घी, तेल और अन्य सामग्री को कब्जे में लिया। सूरत के अलावा पालनपुर सर्कल की टीम ने दीसा में भी विभिन्न फर्मों पर छापेमारी की। यहां मिलावट के संदेह में करीब 987 लीटर घी जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 6 लाख 22 हजार 200 रुपये बताई गई है।
सभी मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी नमूने एकत्र किए गए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने चेतावनी दी है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में पूरे गुजरात में मिलावट के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। यह कार्रवाई राज्य में संदिग्ध मिलावटी खाद्य उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। प्रशासन तैयार खाद्य उत्पादों के साथ उन तेलों और अन्य सामग्री पर भी नजर रख रहा है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर मिलावट के लिए किया जा सकता है।