‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न, भारतीय सेना के बैंड ने दी शानदार प्रस्तुति
Delhi दिल्ली। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में भारतीय सेना के बैंड ने शानदार प्रस्तुति देकर देशभक्ति का माहौल बना दिया। सेना के बैंड की धुनों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा को याद करने के उद्देश्य से किया गया। इस अवसर पर भारतीय सेना के बैंड की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। सैन्य बैंड ने अनुशासन और संगीत के बेहतरीन तालमेल के साथ अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ से जुड़ी देशभक्ति की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
‘वंदे मातरम’ की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। यह गीत आगे चलकर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की एक प्रमुख आवाज बना। आजादी की लड़ाई के दौरान ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष स्वतंत्रता सेनानियों और आंदोलनकारियों में जोश भरने वाला नारा बन गया था। देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसका व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया। ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो छंदों को स्वतंत्र भारत में राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्राप्त है। इसकी 150वीं वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए देश की नई पीढ़ी को इसके ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय सेना के बैंड की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया। सैन्य बैंड अपनी प्रभावशाली और अनुशासित प्रस्तुतियों के लिए जाना जाता है। देशभक्ति से जुड़ी धुनों के माध्यम से सेना के जवानों ने राष्ट्र के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना को प्रस्तुत किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया। एक ओर देश 80वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मना रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक अवसर भी राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय गीत की विरासत, स्वतंत्रता आंदोलन में उसके योगदान और वर्तमान समय में उसके महत्व को याद किया गया। भारतीय सेना के बैंड की प्रस्तुति ने इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के साथ उपस्थित लोगों में देशभक्ति का उत्साह बढ़ाया। ‘वंदे मातरम’ आज भी भारत की स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना से जुड़ा हुआ है। दिल्ली में आयोजित इस विशेष समारोह ने इसकी डेढ़ सदी लंबी विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया।