New Delhi, नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और इस बात पर जोर दिया कि भारत का शासन उसके संविधान के आधार पर होना चाहिए, न कि जाति या धर्म के आधार पर।  उन्होंने संविधान का सख्ती से पालन करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए इस बात पर जोर दिया कि भारत की विविध आबादी, जिसमें विभिन्न जातियां, धर्म और आस्थाएं शामिल हैं, का सम्मान किया जाना चाहिए और सर्वोच्च कानून के तहत एकजुट होना चाहिए।
राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से बात करते हुए पासवान ने कहा, "मेरी पार्टी की ओर से मैं गणतंत्र दिवस पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आज का दिन वह दिन है जब हमें अपने इस संकल्प को दोहराना होगा कि यह देश जाति या धर्म के आधार पर नहीं चलेगा; यह देश केवल संविधान के आधार पर चलेगा।" उन्होंने कहा, “मेरी सरकार संविधान का कड़ाई से पालन करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हमारे देश में विभिन्न जातियों, धर्मों और आस्थाओं के लोग एक साथ रहते हैं, और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए, मैं आज फिर से आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम सभी को मिलकर यह संकल्प लेना चाहिए कि संविधान सर्वोच्च है।” भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, क्योंकि पूरा देश संविधान को अपनाने की वर्षगांठ मनाने और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और सैन्य विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एकजुट हो रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक इंडिया गेट स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस सर्विसेज जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपीएस सिंह और चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह की अध्यक्षता की। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित औपचारिक परेड के हिस्से के रूप में पुलिस और अर्धसैनिक टुकड़ियों ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया, जो आंतरिक सुरक्षा और सीमा प्रबंधन में केंद्रीय बलों की भूमिका को उजागर करता है।
इस जुलूस का नेतृत्व इंस्पेक्टर शमशेर लाल की कमान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के ब्रास बैंड ने किया। 100 जवानों वाले इस बैंड ने "देश के हम हैं रक्षक" धुन बजाई। इसके बाद सीआरपीएफ की मार्चिंग टुकड़ी ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व पहली बार महिला सहायक कमांडेंट सिमरन बाला और सुरभि रवि ने किया। इसमें 248 जवान शामिल हुए।
Tags: