नई दिल्ली। श्रीलंका की जनता विमुक्ति पेरामुना (JVP) के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व JVP के महासचिव टिलविन सिल्वा ने किया। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच भारत और श्रीलंका के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों के साथ-साथ राजनीतिक संगठनों के कामकाज, महिला एवं युवा सशक्तिकरण और आपसी संवाद बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
नितिन नबीन ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से चले आ रहे सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने विशेष रूप से दोनों देशों की साझा बौद्ध विरासत का जिक्र किया। बैठक में दोनों देशों के लोगों के बीच पुराने संपर्क और सांस्कृतिक रिश्तों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान BJP अध्यक्ष ने JVP प्रतिनिधिमंडल को अपनी पार्टी की संगठनात्मक यात्रा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पार्टी के जमीनी स्तर पर मौजूद संगठनात्मक नेटवर्क और कार्यकर्ताओं की भूमिका का उल्लेख किया। साथ ही नेतृत्व की अगली पीढ़ी को तैयार करने और पार्टी संगठन के भीतर प्रशिक्षण तथा सार्वजनिक संपर्क को मजबूत करने के प्रयासों के बारे में भी बताया।
नबीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं और युवाओं से संबंधित केंद्र सरकार की पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में विकास, कौशल विकास, उद्यमिता, इनोवेशन और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषयों पर सरकार और BJP का पक्ष प्रतिनिधिमंडल के सामने रखा। ये बातें बैठक के संबंध में जारी विवरण में BJP की ओर से बताई गई हैं।
JVP प्रतिनिधिमंडल ने भी श्रीलंका में शासन और महिलाओं तथा युवाओं से जुड़ी कल्याणकारी पहलों के बारे में अपने अनुभव साझा किए। दोनों पक्षों के बीच इस बात पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ कि राजनीतिक संगठन आम नागरिकों के लिए अवसर किस प्रकार बढ़ा सकते हैं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने में संगठन क्या भूमिका निभा सकते हैं।
बैठक में राजनीतिक संगठनों के स्तर पर नियमित संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। नितिन नबीन ने संगठनात्मक प्रशिक्षण, कार्यकर्ताओं की भूमिका और चुनावी गतिविधियों से इतर लगातार सार्वजनिक संपर्क बनाए रखने को लेकर BJP की कार्यप्रणाली की जानकारी साझा की। उन्होंने पार्टी के ‘अंत्योदय’ दृष्टिकोण और सेवा से जुड़े अभियानों का भी उल्लेख किया।
भारत और श्रीलंका के बीच लोगों से लोगों के संपर्क को मजबूत करने में खेल की भूमिका पर भी चर्चा हुई। विशेष रूप से क्रिकेट को दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क माध्यम के रूप में उल्लेखित किया गया। दोनों पक्षों ने माना कि खेलों के माध्यम से युवाओं के बीच संपर्क और आपसी परिचय बढ़ सकता है।
JVP का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर है। यह दौरा BJP के आमंत्रण पर आयोजित किया गया है। प्रतिनिधिमंडल में महासचिव टिलविन सिल्वा के साथ केंद्रीय समिति की सदस्य चंद्रिका अदिकारी, सांसद अबूबकर अथंबावा, जिला समिति के सदस्य कबिलन सुंथरामूर्ति और अंतरराष्ट्रीय विभाग की सदस्य कल्पना मधुभाषिनी शामिल हैं।
भारत यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इससे पहले BJP के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की थी। यात्रा के कार्यक्रम में विभिन्न नेताओं और पार्टी के अलग-अलग विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत को शामिल किया गया है। दौरे का घोषित उद्देश्य BJP और JVP के बीच संपर्क को मजबूत करना और दोनों संगठनों के अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।
नितिन नबीन के साथ बैठक के दौरान दोनों पार्टियों के बीच संस्थागत स्तर पर संपर्क बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। नबीन ने उम्मीद जताई कि JVP प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा भविष्य में दोनों राजनीतिक संगठनों के बीच नियमित संवाद का आधार बनेगी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भविष्य की भारत यात्रा के दौरान बिहार आने का आमंत्रण भी दिया।
बैठक में BJP के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले भी मौजूद रहे। उपलब्ध विवरण के मुताबिक JVP प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा BJP की ‘Know BJP’ पहल के तहत आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य विदेशी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और कार्यप्रणाली से परिचित कराना है।
JVP प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा के दौरान पार्टी-से-पार्टी संवाद पर विशेष ध्यान दिया गया है। दोनों पक्षों ने संगठनात्मक अनुभवों, जनभागीदारी, महिलाओं और युवाओं के लिए अवसर तथा कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर अपने-अपने विचार साझा किए।
इस मुलाकात में नितिन नबीन ने भारत-श्रीलंका संबंधों के महत्व का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच पुराने सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की बात कही। वहीं JVP प्रतिनिधिमंडल ने भी श्रीलंका के अपने अनुभवों और राजनीतिक संगठन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा की।
दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच हुई इस बैठक का मुख्य फोकस संगठनात्मक अनुभवों के आदान-प्रदान और BJP-JVP संपर्क को आगे बढ़ाने पर रहा। JVP प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा 1 अक्टूबर तक निर्धारित है और इस दौरान उसके कई राजनीतिक तथा संस्थागत कार्यक्रम रखे गए हैं।
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